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कोलकाता: आज पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कई अहम और जरूरी फैसले लिए हैं. सुवेंदु सरकार ने दूसरी कैबिनेट बैठक में महिलाओं और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई और फैसले लिए गए. बैठक के बाद महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इन फैसलों की जानकारी दी. सरकार का फोकस महिलाओं की मदद और राज्य कर्मचारियों के वेतन सुधार पर रहा.
कैबिनेट ने अन्नपूर्णा भंडार योजना को मंजूरी दे दी है. लक्ष्मी भंडार योजना की लाभार्थी महिलाओं को अब इस योजना का भी फायदा मिलेगा. इन महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये दिए जाएंगे. इसके अलावा 1 जून से राज्य की बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी. सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं को रोजमर्रा की यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी.
राज्य सरकार ने 7वें वेतन आयोग गठित करने की मंजूरी दे दी है. इससे राज्य के कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं में सुधार की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी. कर्मचारी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे.
सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए मदरसा विभाग और सूचना एवं सांस्कृतिक विभाग के तहत चल रही धर्म आधारित सहायता योजनाओं को बंद करने का ऐलान किया है. ये योजनाएं अगले महीने से रोक दी जाएंगी. धार्मिक गतिविधियों से जुड़े प्रोजेक्ट इस महीने तक चलेंगे, लेकिन उसके बाद इन्हें रोका जाएगा.
जिन महिलाओं को अभी तक अन्नपूर्णा योजना का लाभ नहीं मिला है, उनके लिए जल्द ही एक विशेष पोर्टल खोला जाएगा. वहीं, CAA के लिए आवेदन करने वालों और ट्रिब्यूनल में लंबित मामलों वाले लोगों को भी इस योजना का फायदा मिलेगा.
पहली बैठक में भी सरकार ने अहम कदम उठाए थे. इनमें आयुष्मान भारत योजना लागू करना, भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करना और बॉर्डर इलाकों में BSF को जमीन ट्रांसफर करना शामिल है. साथ ही, राजनीतिक हिंसा में मारे गए बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों की मदद का ऐलान भी किया गया था. ये फैसले सुवेंदु अधिकारी सरकार की प्राथमिकताओं को साफ दिखाते हैं. सरकार का दावा है कि ये कदम महिलाओं, कर्मचारियों और आम लोगों के हित में उठाए गए हैं.