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क्या इमरान खान को सत्ता से हटाने में अमेरिका का हाथ था? गोपनीय दस्तावेज ने खोली US-पाकिस्तान की पोल

एक बार फिर पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान का नाम चर्चा में आ गया है. कुछ गुप्त दस्तावेज लीग हुए हैं, जिसने एक बार फिर उनको सत्ता से हटाने के पीछे की कहानी लो उजागर कर रही है.

Calendar Last Updated : 18 May 2026, 01:48 PM IST
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नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका ईरान के बीच तनाव में पकिस्तान चर्चा में बना हुआ है. कुछ समय पहले पकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सत्ता से हटाने में अमेरिका का हाथ बताया जा रहा था, लेकिन अब इस जंग के बीच कुछ पुरानी गोपनीय राजनयिक दस्तावेज लीक होने के कारण नई जानकारी मिली है. इस जानकारी से सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से हटाने में विदेशी दबाव था. 

क्या कहता है लीक हुआ दस्तावेज?

दरअसल खोजी वेबसाइट ड्रॉप साइट न्यूज ने केबल I-0678 नाम का एक गुप्त दस्तावेज प्रकाशित किया है. इसमें 7 मार्च 2022 को वाशिंगटन में पाकिस्तानी राजदूत असद मजीद खान और अमेरिकी अधिकारी डोनाल्ड लू के बीच हुई बैठक का ब्योरा है.

दस्तावेज के अनुसार, डोनाल्ड लू ने कहा कि अगर इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाता है तो पाकिस्तान और अमेरिका के संबंध सुधर सकते हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर खान सत्ता में बने रहे तो आगे का रास्ता मुश्किल हो जाएगा. इस लीक ने खान के पुराने आरोपों को फिर से जिंदा कर दिया है.

इमरान खान और अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव

इमरान खान और अमेरिका के संबंध कई मुद्दों पर खराब हो चुके थे. सबसे बड़ा मतभेद अफगानिस्तान था. अमेरिका ने पाकिस्तान से अपने ड्रोन अभियानों के लिए मदद मांगी, लेकिन खान ने साफ इनकार कर दिया. फरवरी 2022 में खान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने मॉस्को गए, ठीक उसी दिन जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया. 

अमेरिका इस यात्रा से नाराज था और खान से इसे रद्द करने को कह चुका था. पाकिस्तान ने यूक्रेन के खिलाफ प्रस्ताव पर मतदान में हिस्सा भी नहीं लिया. इन घटनाओं ने दोनों देशों के बीच दूरी बढ़ा दी.

खान को हटाने के बाद अमेरिका से सुधरे संबंध 

9 अप्रैल 2022 को संसद में अविश्वास प्रस्ताव पास होने के बाद इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया. वे इस तरीके से हटाए जाने वाले पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बने. खान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने पाकिस्तान की सेना और विपक्षी दलों के साथ मिलकर उनकी सरकार गिराई. उनके हटने के बाद पाकिस्तान और अमेरिका के संबंध सुधरे. रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने यूक्रेन को हथियार आपूर्ति भी शुरू की.

क्यों फिर से उठा मुद्दा?

हाल ही में पाकिस्तान खुद को अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ बताने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ईरान ने पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए. इसी समय यह पुराना साइफर लीक हो गया, जिससे फिर सवाल उठने लगे हैं.

अमेरिका इन आरोपों से इनकार करता रहा है. इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई अब भी कहती है कि उनके हटने के पीछे विदेशी साजिश थी. इस लीक ने पाकिस्तान की राजनीति में फिर से हलचल मचा दी है.

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