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Janmashtami 2026: 4 या 5 सितंबर? जानें 2026 में कब है जन्माष्टमी और निशिता पूजा का समय

इस बार भी जन्माष्टमी की तारीख को लेकर है कन्फ्यूजन लोगों के मन में बना हुआ है. ऐसे में इस लेख के माध्यम में जानें व्रत रखने की तिथि और शुभ मुहूर्त क्या रहेगा.

Calendar Last Updated : 29 August 2026, 03:56 PM IST
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नई दिल्ली: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व जन्माष्टमी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है. इस दिन भक्त भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल की पूजा करते हैं और कई लोग दिनभर व्रत रखते हैं. मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था. आइए जानते हैं साल 2026 में जन्माष्टमी कब मनाई जाएगी और पूजा का शुभ समय क्या रहेगा।

4 सितंबर को मनाई जाएगी जन्माष्टमी

पंचांग के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। भगवान कृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में हुआ था, इसलिए इस दिन रात के समय पूजा और जन्मोत्सव का विशेष महत्व रहेगा. हालांकि, अलग-अलग संप्रदायों और स्थानीय परंपराओं के कारण कुछ जगहों पर 5 सितंबर को भी जन्माष्टमी मनाई जा सकती है.

निशीथ काल में करें कृष्ण जन्म पूजा

जन्माष्टमी की पूजा के लिए निशीथ काल को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. मथुरा की पंचांग गणना के अनुसार, 4 सितंबर की रात 11:56 बजे से 5 सितंबर की रात 12:41 बजे तक निशीथ पूजा का समय रहेगा. इसी दौरान भक्त भगवान कृष्ण का अभिषेक, पूजन और आरती कर सकते हैं.

रोहिणी नक्षत्र का भी संयोग

भगवान कृष्ण के जन्म से रोहिणी नक्षत्र का विशेष संबंध माना जाता है. 2026 में जन्माष्टमी के आसपास रोहिणी नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस संयोग में श्रीकृष्ण की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है.

मथुरा-वृंदावन में दिखेगा खास उत्साह

जन्माष्टमी पर मथुरा और वृंदावन में विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं. मंदिरों में भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा, अभिषेक, झांकियां और भजन-कीर्तन आयोजित किए जाते हैं. मध्यरात्रि में भगवान के जन्म के बाद आरती और उत्सव का माहौल देखने को मिलता है. अगले दिन यानी 5 सितंबर को नंदोत्सव मनाया जाएगा.

कब खोलें जन्माष्टमी का व्रत?

व्रत रखने वाले श्रद्धालु 5 सितंबर को सूर्योदय के बाद पारण कर सकते हैं. हालांकि, व्रत खोलने की परंपरा अलग-अलग संप्रदायों और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार बदल सकती है.

कुल मिलाकर साल 2026 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी. भगवान कृष्ण की जन्म पूजा के लिए निशीथ काल रात 11:56 बजे से 12:41 बजे तक रहेगा. जन्माष्टमी का व्रत रखने वाले भक्त 5 सितंबर को सूर्योदय के बाद व्रत का पारण कर सकते हैं. वहीं, भगवान कृष्ण के जन्म की खुशी में 5 सितंबर 2026 को नंदोत्सव मनाया जाएगा.

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