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Chandra Grahan 2026: आज साल का आखिरी चंद ग्रहण शुरू, भारत में दिखेगा या नहीं? जानें पूरी डिटेल

28 अगस्त को साल का आखिरी आंशिक चंद्र ग्रहण लग रहा है, जिसका परमग्रास सुबह 9:43 बजे रहा. ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और इसकी पूरी प्रक्रिया दोपहर 12:30 बजे समाप्त होगी.

Calendar Last Updated : 28 August 2026, 05:13 PM IST
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नई दिल्ली: साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण आज यानी 28 अगस्त को लग रहा है. इस बार खास बात यह है कि चंद्र ग्रहण और रक्षाबंधन का त्योहार एक ही दिन पड़ रहा है. ऐसे में लोगों के बीच ग्रहण, सूतक काल और राखी बांधने को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, भारत में इस ग्रहण के दिखाई न देने की वजह से यहां इसका धार्मिक प्रभाव नहीं माना जा रहा है. 

ग्रहण का परमग्रास और समापन 

खगोलीय गणना के अनुसार, आज लगने वाला चंद्र ग्रहण आंशिक ग्रहण है. भारतीय समय के मुताबिक ग्रहण की शुरुआत सुबह करीब 6:55 बजे उपच्छाया के स्पर्श के साथ हुई. इसके बाद सुबह 8:04 बजे आंशिक ग्रहण शुरू हुआ. ग्रहण का परमग्रास सुबह 9:43 बजे रहा, जबकि आंशिक ग्रहण का समापन 11:21 बजे होगा. ग्रहण की पूरी प्रक्रिया दोपहर करीब 12:30 बजे समाप्त होगी. 

भारत में नहीं दिखाई देगा चंद्र ग्रहण

भारत में रहने वाले लोगों के लिए इस ग्रहण को देख पाना संभव नहीं है. ग्रहण के दौरान भारत में दिन का समय रहेगा और चंद्रमा क्षितिज के नीचे होगा। यही कारण है कि देश के किसी भी हिस्से से यह खगोलीय घटना नजर नहीं आएगी. यह ग्रहण मुख्य रूप से अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. 

भारत में सूतक काल मान्य होगा या नहीं?

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण का सूतक काल आमतौर पर तभी प्रभावी माना जाता है, जब ग्रहण संबंधित स्थान पर दिखाई दे. चूंकि आज का चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है, इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं माना जा रहा है. ऐसे में सूतक से जुड़े खान-पान, पूजा-पाठ या मंदिर बंद रखने जैसे नियम भी लागू नहीं होंगे. 

रक्षाबंधन पर नहीं पड़ेगा ग्रहण का असर

चंद्र ग्रहण के भारत में दिखाई नहीं देने के कारण रक्षाबंधन के त्योहार पर भी इसका कोई प्रभाव नहीं माना जा रहा है. इसी कारण  भाई-बहन सामान्य तरीके से राखी का त्योहार मना सकते हैं. राखी बांधने के लिए आज सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक का समय शुभ बताया गया था. वहीं, देशभर के मंदिरों में भी सामान्य रूप से पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं. 

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