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नई दिल्ली: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का प्रभाव अब भारत के मैदानी इलाकों में साफ तौर पर दिखने लगा है। पड़ोसी देश से आ रहे सैलाब और बंगाल की खाड़ी में बने नए मानसूनी सिस्टम के कारण उत्तर और मध्य भारत के मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 28 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश सहित देश के 18 राज्यों में झमाझम बारिश की संभावना जताई है। एक तरफ जहां नदियों का उफान तटीय इलाकों के लिए खतरा बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ मानसूनी गतिविधियों ने पूरे इलाके को अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
उत्तर प्रदेश के 61 जिलों में बरसेंगे बादल
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय बना हुआ है और राज्य के 61 जिलों में मध्यम से भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। बीते दिनों महोबा में सर्वाधिक 131.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दो से तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ मुसलाधार बारिश का यह दौर जारी रहेगा। लगातार हो रही इस बारिश से तापमान में गिरावट आई है, लेकिन निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
सीमावर्ती राज्यों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
नेपाल से सटकर बहने वाली नदियों के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बिहार के आठ प्रमुख जिलों में स्थिति विशेष रूप से संवेदनशील बनी हुई है। खगड़िया में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि गंडक, कोसी और बागमती नदियां भी उफान पर हैं।
गोपालगंज, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, मधुबनी, मुजफ्फरपुर और चंपारण के निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के भी सीमावर्ती जिलों में चौकसी बढ़ा दी गई है, जहां नदियों के तेज बहाव के साथ आए मलबे ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
मध्य प्रदेश में येलो अलर्ट और दिल्ली का सुहाना मौसम
मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर संभागों में मानसूनी बारिश का दौर लगातार बना हुआ है। पूरे राज्य में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम का मिज़ाज काफी खुशनुमा हो गया है। गुरुवार को हुई छिटपुट बारिश के बाद रक्षाबंधन के अवसर पर भी हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान है। इस बारिश से उमसभरी गर्मी से राहत मिली है और पारा नीचे गिरा है।
पहाड़ों पर लैंडस्लाइड से जनजीवन प्रभावित
पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हो रही भारी बारिश के कारण एक बार फिर भूस्खलन और सड़कों के धंसने का सिलसिला शुरू हो गया है। हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों की वर्षा के चलते 70 से अधिक सड़कें और कई मुख्य राजमार्ग यातायात के लिए बंद हो गए हैं। शिमला मौसम केंद्र ने अगस्त के अंतिम दिनों से लेकर सितंबर के शुरुआती दिनों तक भारी बारिश की नई चेतावनी जारी की है। उत्तराखंड में भी लैंडस्लाइड के चलते दूरदराज के इलाकों का संपर्क कटने की आशंका बनी हुई है, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों को आवाजाही में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हो रही भारी बारिश के कारण एक बार फिर भूस्खलन और सड़कों के धंसने का सिलसिला शुरू हो गया है। हिमाचल प्रदेस में बीते 24 घंटों की वर्षा के चलते 70 से अधिक सड़कें और मुख्स राजमार्ग यातायात के लिए बंद हो गए है।