Courtesy: AI Generated
नई दिल्ली: नेपाल के नुवाकोट जिले का त्रिशुली बाजार बुधवार सुबह तक बिल्कुल सामान्य था. वहीं बाजार में रोज की तरह दुकानें खुली थी और सड़कों पर लोगों की आवाजाही थी. लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही देर में यही इलाका पानी, कीचड़ और मलबे के ढेर में बदल जाएगा। इसी घटना के जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया सामने आया है, जिसमें हालत की स्थिति देखि जा सकती है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बाढ़ आने से ठीक पहले का खौफनाक मंजर दिखाई दे रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज रफ्तार से पानी और मलबा बाजार की तरफ बढ़ता नजर आता है. वहीं खतरा देखते ही लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगते हैं. इसके साथ ही सड़क पर मौजूद वाहन और बाइक सवार भी तेजी से सुरक्षित जगह की ओर जाते दिखाई देते हैं.
🚨THIS IS NOT AI 🚨
— Mufadal Vohara (@Shailes85620661) August 27, 2026
This is how the flood entered Trishuli Bazaar.🙏 pic.twitter.com/QPs06wQzit
इस दौरान एक स्कूल बस भी कैमरे में कैद हुई, जिसके आसपास अफरा-तफरी मची हुई थी. बाढ़ का बहाव इतना तेज था कि लोगों को संभलने या कुछ समझने का ज्यादा वक्त ही नहीं मिला और कुछ ही मिनटों में पूरा बाजार तबाही के मंजर में बदल गया.
बाढ़ गुजरने के बाद त्रिशुली बाजार की तस्वीरें और भी डरावनी हो गए है, जिन जगहों पर कभी घर, दुकानें और सड़कें हुआ करती थीं, वहां अब सिर्फ मिट्टी, बड़े-बड़े पत्थर और मलबा नजर आ रहा है. कई पुल और सड़कें भी बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई हैं. रेड क्रॉस के मुताबिक, नुवाकोट नेपाल के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है.कई गांवों में भारी नुकसान हुआ है और सड़क व पुल टूटने की वजह से कुछ इलाकों का संपर्क भी दूसरे हिस्सों से कट गया है.
फिलहाल राहत और बचाव का काम लगातार जारी है. बचाव दल मलबे में फंसे लोगों और लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं. इसके लिए भारी मशीनों की मदद ली जा रही है, लेकिन बड़ी मात्रा में जमा मलबा रेस्क्यू टीम के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है.
नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने गुरुवार को प्रभावित नुवाकोट का दौरा किया. उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना, लापता लोगों को ढूंढना, घायलों का इलाज और प्रभावित परिवारों तक जरूरी मदद पहुंचाना है. वहीं शुक्रवार तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या 469 पहुंच चुकी है, जबकि करीब 1,468 लोग लापता बताए जा रहे है, जिनमें लगभग 290 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं.