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रूमेटॉयड अर्थराइटिस के चलते जोड़ों में हो रहा है दर्द? इन योगासनों से मिलेगा आराम

रूमेटॉयड अर्थराइटिस यानी जोड़ों में दर्द की बीमारी। इसको गठिया यानी गाउट भी कहा जाता है। हालांकि ये बहुत ही कॉमन बीमारी बन चुकी है लेकिन इसके चलते हाथ पैरों के जोड़ों में काफी दर्द होता है जो कभी कभी बरदाश्त से बाहर हो जाता है। एक्सपर्ट कहते हैं कि अर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है […]

Calendar Last Updated : 18 April 2023, 03:46 PM IST
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रूमेटॉयड अर्थराइटिस यानी जोड़ों में दर्द की बीमारी। इसको गठिया यानी गाउट भी कहा जाता है। हालांकि ये बहुत ही कॉमन बीमारी बन चुकी है लेकिन इसके चलते हाथ पैरों के जोड़ों में काफी दर्द होता है जो कभी कभी बरदाश्त से बाहर हो जाता है। एक्सपर्ट कहते हैं कि अर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है जो आनुवांशिक होने के साथ साथ गलत लाइफस्टाइल के चलते भी शरीर को जकड़ लेती है। इसके अन्य कारणों में मोटापा यानी वजन बढ़ना, फिजिकल फिटनेस की कमी जैसे रैगुलर एक्सरसाइज ना करना, शरीर के लिए जरूरी विटामिन्स और मिनिरल्स की कमी, स्ट्रेस यानी तनाव, और डिप्रेशन शामिल हैं। रूमेटॉयड अर्थराइटिस की बीमारी में व्यक्ति के शरीर में जोड़ों जैसे घुटने, कलाइयां, उंगलियां, टखने और कूल्हे में दर्द होता है। कई बार जोड़ों में दर्द के साथ साथ जोड़ों और हड्डियों में अकड़न और सूजन भी आ जाती है।

सर्दियों के मौसम में और बरसातों के मौसम में ये दर्द बढ़ जाता है। हालांकि पहले ये बीमारी उम्र बढ़ने पर होती थी जब हड्डियां कमजोर हो जाती थी। लेकिन अब देखा जाए तो बूढ़े से लेकर वयस्क और बच्चे तक इस बीमारी की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। रूमेटॉयड अर्थराइटिस के लिए दवाई का इस्तेमाल होता है लेकिन अगर आप फिजिकली एक्टिव रहते हैं तो इस बीमारी में काफी आराम मिल सकता है। कई योगासन रूमेटॉयड अर्थराइटिस में राहत देते हैं। चलिए जानते हैं कि किन योगासनों की मदद से आप रूमेटॉयड अर्थराइटिस के दर्द से छुटकारा पा सकते हैं और इस बीमारी में आपको आराम भी मिल सकता है।

वीरभद्रासन
रूमेटॉयड अर्थराइटिस में राहत पाने के लिए वीरभद्रासन नामक योगासन को काफी लाभकारी कहा गया है। इस योगासन की मदद से रूमेटॉयड अर्थराइटिस में कंधों और पीठ की जकड़न और दर्द आराम मिलता है। इस आसन को करने से पीठ के निचले हिस्से को ताकत मिलती है और लोअर बैक में रक्त का संचालन तेज होने पर दर्द कम होने लगता है। इस योगासन को नियमित करने पर कुछ महीनों में इस बीमारी में काफी आराम मिलेगा। वीरभद्रासन करने के लिए सबसे पहले एक मैट पर पैरों को थोड़ी दूरी पर रखकर खड़े हो जाना चाहिए। अब सीधे पैर को नब्बे डिग्री अंदर की तरफ घुमाइए और बाएं पैर को 15 डिग्री अंदर की तरफ घुमा लेना चाहिए। इसके पश्चात अपनी कलाई को घुमाएं और हथेलियों को ऊपर की तरफ घुमाकर हाथों को कंधे की ऊंचाई तक ले आएं। अब उसी अवस्था में अपने घुटनों को मोड़ लें और सिर को बाईं ओर घुमाकर देखना शुरू कर दें। अब इसी स्टेज में रहते हुए दोनों हाथों को आगे की तरफ ले जाएं। अब धीरे धीरे वापस पहले वाले पोज में आते हुए उठ जाएं। इस तरह कम से कम चार से पांच बार ये प्रोसेस रोज करना है।

मकरासन
मकरासन को करने से अर्थराइटिस की बीमारी में घुटनों के दर्द में राहत मिलती है। इस आसन को करने से पैरों और घुटनों की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग होती है और घुटनों के दर्द से राहद मिलती है। इस आसन की मदद से पैरों में ब्लड का सर्कुलेशन तेज होता है और हड्डियों को भी आराम मिलता है। इस योगासन को खाली पेट करना चाहिए। इसे रोज दिन में दो बार किया जा सकता है। पहले पेट के बल सही तरीके से लेट जाएं, अब अपनी ठोड़ी, छाती और पेट को जमीन से स्पर्श होने दें।अब पैरों के बीच में स्पेस बनाएं और मैट के बराबर दोनों पैरों के बीच अच्छी खासी दूरी बना लें। अब बिलकुल धीरे धीरे अपने सिर को ऊपर की तरफ उठाएं और दोनों हाथों को अपने गालों पर रख लें। अब धीरे धीरे दोनों पैरों को नीचे से ऊपर की दिशा में अपने कूल्हों की तरफ ले जाएं और फिर इसी तरह धीरे धीरे नीचे की तरफ ले जाएं। इस प्रोसेस को शुरूआत में पांच मिनट करें और बाद सात से दस मिनट तक कर सकते हैं।

वीरासन
वीरासन भी रूमेटॉयड अर्थराइटिस में काफी लाभकारी साबित होता है। इस आसन को करने से घुटनों के दर्द, सूजन और जकड़न से छुटकारा मिलता है और रक्त संचालन तेज होता है जिससे सूजन कम हो जाती है। सबसे पहले कमरे में मैट बिछा लीजिए और वज्रासन ( इस स्थिति में घुटनों को मोड़कर बैठा जाता है ) की तरह बैठ जाएं। अब अपने पैरों को फैला लीजिए और कूल्हों को जमीन पर टिकाकर रखते हुए सीधा बैठ जाना चाहिए। अब अपने दोनों हाथों को घुटनों पर बिलकुल सीधा तानकर रखते हुए कंधों को स्ट्रेट लेकिन रिलेक्सिंग मोड में रखते हुए सिर को सीधा रख लें और सामने की तरफ देखें। इसे एक बार में आधे मिनट के लिए करना चाहिए।

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