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जरा सा चलने पर ही फूलने लगती है सांस? जानें किन बीमारी का है संकेत

थोड़ा सा चलने पर भी सांस फूलने लगे तो सिर्फ थकान न समझें, यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग इस समस्या से गुजर रहे हैं.

Calendar Last Updated : 13 April 2026, 07:23 PM IST
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थोड़ा सा चलने पर भी सांस फूलने लगे तो सिर्फ थकान न समझें, यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग इस समस्या से गुजर रहे हैं. हल्की सी सैर या सीढ़ियां चढ़ते ही सांस फूलना सामान्य नहीं माना जाना चाहिए. यह शरीर में ऑक्सीजन की कमी या किसी अंग की समस्या को दर्शा सकता है.

सांस फूलने के मुख्य कारण दिल की समस्याएं:-

दिल ठीक से खून पंप न कर पाए तो शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता. हार्ट फेलियर, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट वाल्व की समस्या या हार्ट अटैक के बाद यह लक्षण दिख सकता है. खासकर बुजुर्गों या डायबिटीज वाले लोगों में यह आम है.

फेफड़ों की बीमारियां:-

अस्थमा, सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज), निमोनिया, ब्रोंकाइटिस या फेफड़ों में संक्रमण के कारण सांस लेने में तकलीफ होती है. फेफड़े ऑक्सीजन लेने और कार्बन डाइऑक्साइड निकालने का काम करते हैं. इनमें कोई रुकावट या सूजन हो तो सांस फूल जाती है.

खून की कमी (एनीमिया)

शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर रक्त ऑक्सीजन को ठीक से नहीं ले जा पाता. इससे हल्का काम करने पर भी सांस फूलने, चक्कर आना और थकान महसूस होती है. महिलाओं में मासिक धर्म या पौष्टिक आहार की कमी से यह समस्या ज्यादा देखी जाती है.

मोटापा (ओबेसिटी)

अधिक वजन होने पर शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है. छाती और फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है. मोटापे वाले लोगों में यह लक्षण जल्दी दिखता है.

थायरॉइड की समस्या

थायरॉइड हार्मोन असंतुलित होने पर भी सांस फूल सकती है. हाइपरथायरॉइडिज्म में शरीर की मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है, जिससे सांस की दर बढ़ जाती है.

कब समझें कि मामला गंभीर है?

आराम करने के बावजूद सांस फूलना जारी रहे 
 
सीने में दर्द, दबाव या भारीपन महसूस होना  

होंठ या नाखून नीले पड़ना  

चक्कर आना, बेहोशी या तेज धड़कन  

पैरों में सूजन या रात में लेटते समय सांस फूलना

ये लक्षण दिल का दौरा, फेफड़ों में खून का थक्का या गंभीर फेफड़े की समस्या के संकेत हो सकते हैं. ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या इमरजेंसी में जाएं. 

क्या करें?

सांस फूलने की समस्या को नजरअंदाज न करें. डॉक्टर से जांच करवाएं – ईसीजी, चेस्ट एक्स-रे, ब्लड टेस्ट या स्पाइरोमीट्री जैसी जांच से सही कारण पता चल सकता है. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं – नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, वजन नियंत्रण और धूम्रपान छोड़ना बहुत जरूरी है.

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