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योग दिवस 2026: दिल्ली, मुंबई से बेंगलुरु तक तैयार भारत, देशभर में होंगे भव्य आयोजन

योग आज सिर्फ भारत की पहचान नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हेल्थी लाइफस्टाइल का रूटीन बन चुका है. वहीं हर साल इस विरासत को 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो किसी उत्सव से कम नहीं होता.

Calendar Last Updated : 20 June 2026, 01:50 PM IST
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नई दिल्ली: योग आज सिर्फ भारत की पहचान नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हेल्थी लाइफस्टाइल का रूटीन बन चुका है. हजारों साल पुरानी इस भारतीय परंपरा को अब करोड़ों लोग अपनी डेली लाइफ का हिस्सा बना चुके हैं. फिजिकल फिटनेस से लेकर मेंटल पीस और इमोशनल बैलेंस तक, योग के फायदों को दुनिया भर में अपनाया जा रहा है. वहीं हर साल इस विरासत को 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो किसी उत्सव से कम नहीं होता. लेकिन इस साल योग दिवस की क्या थीम है और ये कहां-कहां मनाया जाएगा चलिए जानते है. 

क्या है इस बार की थीम? 

इस बार भारत 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने जा रहा है और इसकी थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' रखी गई है. इस विषय का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि योग केवल युवाओं के लिए नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है. खासकर बढ़ती उम्र में यह शरीर को मजबूत, मन को शांत और जीवन को अधिक संतुलित बनाने में मदद करता है.

कहां होगा कार्यक्रम 

बता दें, इस का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 6 बजे देशवासियों के साथ योग करेंगे, जिसके बाद देशभर में योग दिवस के विभिन्न कार्यक्रम शुरू होंगे. इसके चलते सुबह 7 बजे से 7:45 बजे तक लाखों लोग कॉमन योगा प्रोटोकॉल के तहत एक साथ योगा प्रैक्टिस करेंगे.

लाल किले से लेकर हर की पौड़ी

योग दिवस के अवसर पर देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को भी विशेष रूप से जोड़ने की तैयारी की गई है. इसके चलते दिल्ली के लाल किले से लेकर हरिद्वार की हर की पौड़ी, ओडिशा के कोणार्क सूर्य मंदिर, मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया और बिहार के नालंदा महाविहार जैसे प्रतिष्ठित स्थलों पर विशेष योग सत्र आयोजित किए जाएंगे. इन आयोजनों के जरिए भारत की सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन स्वास्थ्य परंपराओं को एक मंच पर लाने की कोशिश की जा रही है. वहीं ऋषिकेश में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर विशेष आयोजन किए जाएंगे, जबकि मैसूरु में पारंपरिक योग पद्धतियों पर जोर दिया जाएगा.

क्यों जरूरी है योग 

बता दें, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग तनाव कम करने और बेहतर लाइफस्टाइल अपनाने का सबसे सरल माध्यम बनकर उभरा है। ऐसे में योग दिवस 2026 केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि लोगों को स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करेगा.

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