Courtesy: Gemini
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन को निशाना बनाकर किए गए हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. सुरक्षा कारणों से बहरीन ने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया, जबकि यूएई और कुवैत में कई उड़ानें प्रभावित हुई है.
अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान की ओर से दागी गई कई मिसाइलें या तो रास्ते में नाकाम हो गई या उन्हें इंटरसेप्ट कर मार गिराया गया. इसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि जवाबी हमला होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित केश्म द्वीप पर किया गया. यहां ईरान का एक सैन्य ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन मौजूद था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस इलाके में एक डिसेलिनेशन प्लांट भी स्थित है.
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष-विराम को लेकर बातचीत कमजोर पड़ती दिख रही है. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत अभी भी जारी है.
तनाव बढ़ने के बाद फारस की खाड़ी के आसपास कई उड़ानों का रूट बदला गया है. कुछ विमानों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया, जबकि कई उड़ानें रद्द या स्थगित कर दी गई. दुबई, तेल अवीव, बेरूत, बगदाद और रियाद जैसे शहरों के लिए अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने अपनी सेवाओं में कटौती शुरू कर दी है.
ग्रीस की एयरलाइन एजियन ने दुबई के लिए अगस्त तक और बगदाद-एरबिल के लिए जुलाई तक उड़ानें रद्द कर दी हैं. एयर बाल्टिक, एयर कनाडा और एयर फ्रांस-KLM ने भी कई मिडिल ईस्ट रूट्स पर सेवाएं रोक दी हैं.
इसके अलावा लुफ्थांसा, SWISS और ITA एयरवेज ने दुबई के लिए सितंबर तक उड़ानें निलंबित रखने का फैसला किया है. वहीं IAG समूह ने दोहा, दुबई और तेल अवीव के लिए उड़ानों की बहाली फिलहाल टाल दी है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण आने वाले दिनों में हवाई सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर और असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.