menu-icon
The Bharatvarsh News

ट्रंप ने नेतन्याहू के समर्थन में भरी हुंकार, बोले- अमेरिका में कोई नहीं कर सकता गिरफ्तार

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की गिरफ्तारी को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बहुत बड़ा बयान दिया है. उन्होने साफ-साफ कहा है कि इनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकती.

Calendar Last Updated : 21 July 2026, 11:04 AM IST
Share:

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थन में बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका में नेतन्याहू की गिरफ्तारी का कोई सवाल ही नहीं उठता। उनका कहना है कि नेतन्याहू ऐसे समय में ईरान के खिलाफ खड़े हैं, जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है. ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव को चर्चा के केंद्र में ला दिया है.

नेतन्याहू के समर्थन में खुलकर बोले ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि किसी पर कार्रवाई होनी चाहिए तो वह ईरान के वे नेता हैं, जिन्हें उन्होंने हिंसा और तबाही के लिए जिम्मेदार बताया। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान में हजारों बेगुनाह प्रदर्शनकारियों की जान गई और इसके लिए वहां की सत्ता जिम्मेदार है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान कई दशकों से अमेरिकी सैनिकों और अन्य लोगों पर हमलों से जुड़ा रहा है.

पिछली अमेरिकी सरकारों पर साधा निशाना

अपने बयान में ट्रंप ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों की नीतियों की भी आलोचना की. उनका कहना था कि ईरान से जुड़े मुद्दों को समय रहते नहीं सुलझाया गया, जिसकी वजह से हालात लगातार बिगड़ते गए. उन्होंने इसे "मौत और बर्बादी का सिलसिला" बताते हुए कहा कि पहले ही कड़े कदम उठाए जाने चाहिए थे.

अमेरिका-इजरायल रिश्तों का दिया संदेश

ट्रंप के इस बयान को अमेरिका और इजरायल के मजबूत संबंधों का संकेत माना जा रहा है. उन्होंने साफ किया कि अमेरिका अपने सहयोगी देश इजरायल और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ मजबूती से खड़ा है. ऐसे समय में जब नेतन्याहू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई विवादों का सामना कर रहे हैं, ट्रंप का यह समर्थन राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.

ईरान पर लगाए गंभीर आरोप

ट्रंप ने ईरान पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. उनके अनुसार, ऐसे मामलों में निशाना नेतन्याहू नहीं बल्कि वे लोग होने चाहिए जिन्होंने हिंसा को बढ़ावा दिया.

सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस

ट्रंप का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे इजरायल के प्रति अमेरिका के खुले समर्थन के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे ईरान के खिलाफ सख्त संदेश मान रहे हैं. फिलहाल इस बयान पर न तो ईरान और न ही बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है.

सम्बंधित खबर

Recent News