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डोनाल्ड ट्रंप का नया ऐलान, स्मार्टफोन और कंप्यूटर पर नहीं लगेगा टैरिफ! भारत समेत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को राहत

यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन नोटिस के अनुसार स्मार्टफोन और कंप्यूटर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अधिकांश देशों पर लगाए गए 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ और 145 प्रतिशत के बहुत बड़े चीनी टैरिफ से बाहर रखा जाएगा. 

Calendar Last Updated : 13 April 2025, 02:07 PM IST
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Tariff Exemption: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ की वजह से पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है. इसी बीच ट्रंप सरकार ने भारत समेत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को राहत देते हुए शनिवार को देश में आयात किए जाने वाले स्मार्टफोन और कंप्यूटर को टैरिफ से छूट दे दी है.

यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन नोटिस के अनुसार स्मार्टफोन और कंप्यूटर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अधिकांश देशों पर लगाए गए 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ और 145 प्रतिशत के बहुत बड़े चीनी टैरिफ से बाहर रखा जाएगा. 

किस पर रहेगी छूट?

नोटिस में दी गई जानकारी के मुताबिक यह छूट सेमीकंडक्टर, सोलर सेल और मेमोरी कार्ड सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर दी जाएगी. इस कदम से Apple जैसी तकनीकी दिग्गजों को मदद मिलेगी, जो चीन में iPhone और अन्य उत्पाद बनाती हैं. यह घोषणा ट्रम्प प्रशासन द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका में आयात किए जाने वाले चीनी सामानों पर 145 प्रतिशत की न्यूनतम टैरिफ दर लागू करने के बाद की गई है. इससे पहले, राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा था कि वह अधिकांश अमेरिकी व्यापारिक भागीदारों पर अपने 10 प्रतिशत टैरिफ में कुछ छूट दे सकते हैं.

भारत और अमेरिका के बीच हो सकता है समझौता

ट्रम्प ने शुक्रवार को फ्लोरिडा जाते समय एयरफोर्स वन में मीडिया से बात करते हुए कहा कि स्पष्ट कारणों से कुछ अपवाद हो सकते हैं, लेकिन मैं कहूंगा कि 10 प्रतिशत न्यूनतम सीमा है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय समझौता को लेकर चल रही बात ट्रंप प्रशासन द्वारा द्वारा दिए गए 90 दिनों के अंदर पूरा कर लिया जाएगा. वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि समझौते के लिए संदर्भ की शर्तों को अंतिम रूप दे दिया गया है और आगे की बातचीत मुख्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी, हालांकि यदि आवश्यक हुआ तो भारतीय वार्ताकार वाशिंगटन जा सकते हैं या अमेरिकी अधिकारी दिल्ली आ सकते हैं.

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