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भारत पहुंचने से पहले अमेरिका का बड़ा दांव! मार्को रूबियो बोले- जितना तेल चाहिए, उतना देंगे

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को अमेरिका का भरोसेमंद और मजबूत रणनीतिक साझेदार बताया. उन्होंने कहा कि उनका भारत दौरा बेहद खास है, क्योंकि यहां क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों के साथ अहम वैश्विक और सुरक्षा मुद्दों पर गहन चर्चा का अवसर मिलेगा.

Calendar Last Updated : 22 May 2026, 11:58 AM IST
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नई दिल्ली: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे से पहले वॉशिंगटन ने नई दिल्ली के साथ ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत करने के संकेत दिए हैं. मियामी में मीडिया से बातचीत करते हुए रुबियो ने कहा कि अमेरिका भारत को उतनी ऊर्जा बेचने के लिए तैयार है, जितनी भारत खरीदना चाहता है. उन्होंने भारत को अमेरिका का महान सहयोगी और साझेदार बताया और कहा कि यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम है.

रुबियो ने कहा कि भारत यात्रा के दौरान उन्हें क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात का मौका मिलेगा, जिससे रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिल सकती है. अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच यह बयान काफी अहम माना जा रहा है.

भारत को ज्यादा ऊर्जा बेचना चाहता है अमेरिका

रुबियो ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच पहले से कई क्षेत्रों में अच्छा सहयोग चल रहा है और ऊर्जा क्षेत्र में इसे और बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने कहा, हम उनके साथ बहुत अच्छा काम करते हैं. इसलिए यह एक महत्वपूर्ण यात्रा है. मुझे खुशी है कि हम यह यात्रा कर पा रहे हैं क्योंकि मुझे लगता है कि हमारे पास बात करने के लिए बहुत कुछ होगा.

उन्होंने आगे कहा, हम वहां क्वाड के साथ भी बैठक करेंगे, जो महत्वपूर्ण है. मुझे लगता है कि विदेश मंत्री के रूप में मेरी पहली बैठक क्वाड के साथ ही हुई थी. मुझे खुशी है कि हम अब भारत में ऐसा कर पा रहे हैं और हम इस साल के अंत में भी एक बैठक करेंगे. वैश्विक ऊर्जा संकट पर बोलते हुए रुबियो ने कहा, हम उन्हें उतनी ऊर्जा बेचना चाहते हैं जितनी वे खरीद सकें. और जाहिर है, आपने देखा ही होगा कि मुझे लगता है कि हम अमेरिकी उत्पादन और निर्यात के ऐतिहासिक स्तर पर हैं.

वेनेजुएला के तेल पर भी अमेरिका की नजर

रुबियो ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों में अमेरिकी हिस्सेदारी बढ़ाए. उन्होंने कहा कि इस दिशा में दोनों देशों के बीच बातचीत भी चल रही है. उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि वे उनके पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा बनें. हमें यह भी लगता है कि वेनेजुएला के तेल में अवसर मौजूद हैं. रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अगले सप्ताह भारत आने वाली हैं. उनकी यात्रा के दौरान भारत को तेल बेचने के मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है. इस यात्रा की जानकारी भी रुबियो ने ही दी.

कब होगी क्वाड बैठक?

क्वाड देशों की अहम बैठक 26 मई को प्रस्तावित है. इसमें रुबियो के अलावा ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी शामिल होंगे. बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस जयसंकर करेंगे.

 अमेरिकी विदेश मंत्री

रुबियो लगभग 14 साल बाद कोलकाता का दौरा करने वाले पहले अमेरिकी विदेश मंत्री होंगे. इससे पहले वर्ष 2012 में तत्कालीन विदेश मंत्रीहिलेरी क्लिंटन ने कोलकाता का दौरा किया था. खास बात यह है कि कोलकाता स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास दुनिया में अमेरिका का दूसरा सबसे पुराना कांसुलेट माना जाता है.

भारत-वेनेजुएला तेल समझौते का पहले भी कर चुके हैं जिक्र

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी की शुरुआत में भारत द्वारा वेनेजुएला से तेल खरीदने का जिक्र किया था. उस समय वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच एक अहम व्यापार समझौते का ऐलान हुआ था, जिसमें भारतीय आयात पर लगने वाले पारस्परिक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की बात कही गई थी.

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