Courtesy: @KapilMishra_IND
नई दिल्ली: यूपी और पश्चिम बंगाल के बाद अब दिल्ली की बीजेपी सरकार ने भी बकरीद को लेकर सख्त गाइडलाइंस जारी कर दी हैं. राजधानी में सार्वजनिक स्थानों, गलियों और सड़कों पर कुर्बानी करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. सरकार ने साफ किया है कि कुर्बानी केवल निर्धारित और वैध स्थानों पर ही की जा सकेगी.
दिल्ली सरकार ने चेतावनी दी है कि गौवंश, गाय, बछड़ा, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी करना गैरकानूनी माना जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बकरीद से पहले जारी इस एडवाइजरी के बाद प्रशासन और पुलिस को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने बकरीद को लेकर सरकार की नई गाइडलाइंस जारी कीं. उन्होंने कहा कि गौवंश, गाय, बछड़ा, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पूरी तरह गैरकानूनी है और ऐसा करने वालों पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, गलियों और सड़कों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं दी जाएगी. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
मंत्री ने बताया कि बकरीद के दौरान कुर्बानी के बाद सीवर, नालियों या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकना भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. सरकार ने कहा है कि कुर्बानी केवल अधिकृत और वैध स्थलों पर ही की जा सकती है. उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई इन नियमों का उल्लंघन करता है तो इसकी सूचना पुलिस और दिल्ली सरकार के विकास विभाग को दी जा सकती है.
बकरीद के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने अधिकारियों को राजधानी में अवैध पशु वध, अनधिकृत पशु व्यापार और पशुओं के प्रति क्रूरता के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं. समीक्षा बैठक के दौरान कपिल मिश्रा ने कहा कि पशुओं के गैरकानूनी परिवहन, अवैध वध और पशु क्रूरता के मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा, ईद-उल-अजहा के दौरान पशु कल्याण और सार्वजनिक स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए, कुर्बानी की अनुमति केवल अधिकृत और निर्धारित स्थानों पर ही दी जानी चाहिए.
सरकार की यह एडवाइजरी पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960, पशु परिवहन नियम 1978, वधगृह नियम 2001 और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत जारी की गई है. पिछले साल की तरह इस बार भी ऊंट के वध को गैरकानूनी घोषित किया गया है. सरकार के मुताबिक ऊंट को खाद्य पशु की श्रेणी में नहीं रखा गया है, इसलिए उसका वध कानून के खिलाफ माना जाएगा. वहीं दिल्ली कृषि पशु संरक्षण अधिनियम 1994 के तहत राजधानी में गाय के वध पर पहले से ही पूर्ण प्रतिबंध लागू है.
बकरीद के पर्व पर दिल्ली सरकार की गाइडलाइन्स
: बकरीद पर गौवंश, गाय, बछड़ा, ऊंट व अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पूरी तरह गैरकानूनी है, ऐसा करने वालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा
: सार्वजनिक स्थलों गली, सड़कों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं है, ऐसा करने वालों पर भी कानूनी… pic.twitter.com/mKZtUSgHUx
— Kapil Mishra (@KapilMishra_IND) May 22, 2026
सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी की प्रतियां जिलाधिकारियों (DM), पुलिस उपायुक्तों (DCP), नगर निगम आयुक्त (MCD) और संबंधित विभागों को भेज दी गई हैं, ताकि बकरीद के दौरान नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके. इससे पहले पश्चिम बंगाल में एक विधायक के गाय वध को लेकर दिए गए बयान ने विवाद खड़ा कर दिया था. विधायक ने कहा था, 1400 साल से यह चला हुआ आ रहा है तो इसको रोक नहीं सकते. वहीं, दिल्ली में एमसीडी की ओर से भी बकरीद को लेकर अलग एडवाइजरी जारी किए जाने की तैयारी है.