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अमेरिका में ईसाईयों की सुरक्षा के लिए सरकार सख्त, ट्रंप ने टास्क फोर्स बनाने की घोषणा

डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि वे अमेरिकी सरकारी एजेंसियों में कथित ईसाई विरोधी पूर्वाग्रह की जांच और समाधान के लिए एक टास्क फोर्स बनाएंगे. इस टास्क फोर्स का नेतृत्व अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी करेंगी. इसका उद्देश्य संघीय एजेंसियों जैसे कि न्याय विभाग, आईआरएस और एफबीआई में ईसाइयों के खिलाफ किसी भी भेदभाव या अन्याय को रोकना है.

Calendar Last Updated : 07 February 2025, 08:05 AM IST
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Anti Christian: अमेरिका के ष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि वे अमेरिकी सरकारी एजेंसियों में कथित ईसाई विरोधी पूर्वाग्रह की जांच और समाधान के लिए एक टास्क फोर्स बनाएंगे. यह घोषणा वाशिंगटन की नेशनल प्रेयर ब्रेकफास्ट परंपरा के दौरान हुई.  जहां उन्होंने देश में धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करने का संकल्प भी लिया.  

ट्रंप द्वारा प्रस्तावित इस टास्क फोर्स का नेतृत्व अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी करेंगी. इसका उद्देश्य संघीय एजेंसियों जैसे कि न्याय विभाग, आईआरएस और एफबीआई में ईसाइयों के खिलाफ किसी भी भेदभाव या अन्याय को रोकना है. इसके अतिरिक्त, यह टास्क फोर्स ईसाइयों के अधिकारों की सुरक्षा और देशभर में ईसाई विरोधी हिंसा एवं बर्बरता के खिलाफ मुकदमे चलाने पर ध्यान केंद्रित करेगी.  

टास्क फोर्स का क्या होगा काम?

ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर भी हस्ताक्षर किए जिसके तहत इस टास्क फोर्स को सरकारी विभागों में धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी गैरकानूनी प्रथाओं की पहचान करने और आवश्यक विधायी परिवर्तनों की सिफारिश करने का अधिकार दिया गया है. अपने संबोधन में ट्रंप ने धार्मिक पुनरुत्थान और एकता पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिकियों को अपने जीवन में ईश्वर को वापस लाना चाहिए.

उन्होंने दावा किया कि 2024 में उन पर हुए हत्या के प्रयास के बाद उनका धार्मिक विश्वास और मजबूत हो गया है. हालांकि उन्होंने बाद में बाइडेन प्रशासन की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व सरकार ने धार्मिक स्वतंत्रता का समर्थन नहीं किया. ट्रंप ने खासकर गर्भपात विरोधी अधिवक्ताओं के प्रति उनके रुख को लेकर हमला बोला है.  

ट्रंप की घोषणा पर लोगों की राय

ट्रंप की इस घोषणा को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. रूढ़िवादी समूहों जैसे कि फर्स्ट लिबर्टी इंस्टीट्यूट ने इस पहल का स्वागत किया और सार्वजनिक क्षेत्रों में धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के महत्व को रेखांकित किया. चर्च और राज्य के पृथक्करण के लिए एकजुट अमेरिकियों की राहेल लेजर ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह टास्क फोर्स भेदभाव को सही ठहराने और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा को कमजोर करने का एक प्रयास हो सकता है.

धार्मिक नेता रेव पॉल ब्रैंडिस रौशनबश ने ट्रंप प्रशासन की आस्था-आधारित नीतियों को पाखंडपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि ट्रंप का इतिहास आस्था-आधारित समूहों के प्रति आक्रामक नीतियों से भरा रहा है.  इसके अलावा, ट्रंप ने व्हाइट हाउस आस्था कार्यालय की स्थापना की भी घोषणा की. जिसका नेतृत्व पाउला व्हाइट-कैन करेंगी. यह कार्यालय संघीय भागीदारी को आस्था-आधारित संगठनों के साथ मजबूत करने और धार्मिक समुदायों की चिंताओं को संबोधित करने का काम करेगा.  

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