menu-icon
The Bharatvarsh News

'भारत अद्भुत है', सुनीता विलियम्स ने बताया अंतरिक्ष से धरती का नजारा

सुनीता विलियम्स से जब पूछा गया कि आसमान से भारत कैसा दिखता है तो उन्होंने हिमालय का जिक्र किया. उनके जवाब ने एक बार फिर भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की याद दिला दी. जिन्होंने प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी द्वारा पूछे गए सवाल 'अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है?' पर कहा था 'सारे जहां से अच्छा'. 

Calendar Last Updated : 01 April 2025, 12:55 PM IST
Share:

Sunita Williams: भारतीय मूल की नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स नौ महीने बाद धरती पर लौटी हैं. जिसके बाद आज उन्होंने अपना पहला इंटरव्यू दिया. इस दौरान उन्होंने कई सारी बातें की. उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने 286 दिनों तक आसमान में अपना समय बिताया. हालांकि भारत को लेकर पूछे गए सवाल का उन्होंने काफी खूबसूरत जवाब दिया. 

सुनीता विलियम्स से जब पूछा गया कि आसमान से भारत कैसा दिखता है तो उन्होंने हिमालय का जिक्र किया. उनके जवाब ने एक बार फिर भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की याद दिला दी. जिन्होंने प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी द्वारा पूछे गए सवाल 'अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है?' पर कहा था 'सारे जहां से अच्छा'. 

हिमालय के दृश्य का वर्णन

सुनीता विलियम्स से भी जब यह सवाल किया गया तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा भारत अद्भुत है. इस दौरान उन्होंने अंतरिक्ष से हिमालय के लुभावने दृश्य का वर्णन किया. सुनीता विलियम्स ने कहा कि 'हर बार जब हम हिमालय के ऊपर गए, तो हमें अविश्वसनीय तस्वीरें मिलीं. इसके अलावा उन्होंने रौशनी की लहरों के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि मैंने पहले भी इसका वर्णन इस तरह किया है कि यह लहर तब बनी जब प्लेटें टकराईं और फिर जब यह भारत में नीचे की ओर बहती है तो यह कई-कई रंगों में होती है. मुझे लगता है कि मुझे जो आभास हुआ वह रोशनी का यह नेटवर्क था और बड़े शहरों से छोटे शहरों की ओर जा रहा था. रात के साथ-साथ दिन के समय भी देखना अविश्वसनीय था. निश्चित रूप से हिमालय द्वारा हाइलाइट किया गया जो भारत में नीचे की ओर जाने वाले सबसे आगे के भाग के रूप में अविश्वसनीय है.

भारत के साथ काम करने की इच्छा 

वहीं भारत आने के सवाल पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि वह भारत आना चाहेंगी और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के उड़ान कार्यक्रम में मदद करना चाहेंगी. उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि हम किसी समय मिलेंगे और भारत में अधिक से अधिक लोगों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे. यह अंतरिक्ष देशों में अपना पैर जमाने की कोशिश कर रहा है और इसका हिस्सा बनना और उनकी मदद करना पसंद करेंगे. बता दें कि सुनीता के माता-पिता भारत में पैदा हुए थे. 

सम्बंधित खबर

Recent News