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'तेहरान के लिए अमेरिका के साथ डील करना समझदारी', US प्रेस सेक्रेटरी ने दी ईरान को हिदायत

अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा में सेकेंड राउंड चल रही बातचीत खत्म हो चुकी है. हालांकि इसी बीच अमेरिका के प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ईरान को अमेरिका के साथ डील करने की हिदायत दी है.

Calendar Last Updated : 19 February 2026, 08:23 AM IST
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अमेरिका और ईरान के बीत जिनेवा में न्यूक्लियर बातचीत मंगलवार को खत्म हुआ. इसी बीच US प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने ट्रंप की नीति का बखान किया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप किसी भी मिलिट्री एक्शन से पहले डिप्लोमेसी का ऑप्शन रखते हैं. उन्होंने ईरान को हिदायत देते हुए कहा कि यूएस के साथ डील करना तेहरान के लिए समझदारी भरा कदम होगा.

लेविट ने कहा कि ट्रंप अपनी नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ कॉन्टैक्ट बनाए रखे हुए हैं, साथ ही रुकावटों को खत्म करने के लिए ऑप्शन भी देख रहे हैं. इसके साथ सेक्रेटरी ने US आर्म्ड फोर्सेज़ के ऑपरेशन की भी तारीफ की.

प्रेसिडेंट ट्रंप के लिए क्या है प्रायोरिटी?

US प्रेस सेक्रेटरी ने कहा कि अमेरिका कई कारण और तर्क के साथ ईरान के खिलाफ स्ट्राइक कर सकता है लेकिन प्रेसिडेंट ट्रंप के लिए डिप्लोमेसी हमेशा पहला ऑप्शन रहा है. इसी के साथ उन्होंने अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन मिडनाइट हैमर की तारीफ की. उन्होंने कहा कि आप सभी जानते हैं कि ईरान के न्यूक्लियर फैसिलिटी को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है. ऐसे में तेहरान का प्रेसिडेंट ट्रंप और उनके एडमिनिस्ट्रेशन के साथ डील करना सबसे समझदारी भरा कदम होगा. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप दुनिया भर में मिलिट्री एक्शन के बारे में फैसले लेते समय अमेरिकी लोगों के सबसे अच्छे हितों को अपनी टॉप प्रायोरिटी मानते हैं.

US प्रेस सेक्रेटरी ने तेहरान को क्या दिया संदेश?

ट्रंप के एक्शन को जस्टिफाई करते हुए उनके प्रेस सेक्रेटरी ने कहा कि प्रेसिडेंट हमेशा इस बारे में सोचते हैं कि यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका, हमारी मिलिट्री और अमेरिकी लोगों के लिए सबसे अच्छा क्या हो सकता है? इसके बाद ही वह किसी भी तरह के मिलिट्री एक्शन के बारे में फैसले लेते हैं. बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच सेकंड राउंड बातचीत खत्म हो चुका है. हालांकि अधिकारियों ने बताया कि अभी कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बातचीत होना बाकी है. ईरानी मीडिया की रिपोर्ट की मानें तो यह बातचीत लगभग 3 घंटे तक चली. दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को लेकर मीडिल ईस्ट में टेंशन का माहौल है.

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