नई दिल्ली: अफगानिस्तान एक बार फिर भूकंप की तबाही से दहल उठा है. शुक्रवार को आए तेज झटकों के बाद अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक घर ढह गया, जिसमें एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्चा घायल हो गया. इस हादसे ने देश में बार-बार आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है.
अफगानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, यह हादसा भूकंप के तुरंत बाद हुआ. वहीं भूविज्ञान के लिए जर्मन अनुसंधान केंद्र ने जानकारी दी कि हिंदू कुश क्षेत्र में 5.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 177 किलोमीटर की गहराई में था, जिससे इसके झटके दूर-दूर तक महसूस किए गए.
भूकंप के कंपन केवल अफगानिस्तान तक सीमित नहीं रहे. कहा जा रहा है कि इस्लामाबाद, काबुल और नई दिल्ली सहित कई शहरों में इसके तेज झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग घरों से बाहर निकल आए.
An earthquake of magnitude 5.9 on the Richter scale occured in Afghanistan, at 21:47 hours today: National Centre for Seismology pic.twitter.com/34FDMmnDSu
— ANI (@ANI) April 3, 2026
अफगानिस्तान भौगोलिक रूप से बहुत ही संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है, जहां ऊंचे पहाड़ और सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटें भूकंप के खतरे को बढ़ाती हैं. यहां हर साल औसतन सैकड़ों लोगों की जान भूकंप के कारण चली जाती है, जिससे यह देश दुनिया के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है.
यह कोई पहली बार नहीं है जब अफगानिस्तान में भूकंप ने तबाही मचाई हो. इससे पहले भी बहुत बार ऐसा हो चुका है जब भूकंप ने अफगानिस्तान का जीवन अस्त व्यस्त किया है.
पिछले साल नवंबर में ही देश में भूकंप के 6.3 तीव्रता के झटके महसूस किए गए थे, जिसमें कम से कम 27 लोगों की जान गई थी और सैकड़ों घर तबाह हो गए थे. लगातार आने वाली ऐसी घटनाएं देश की कमजोर बुनियादी संरचना और आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को भी उजागर करती हैं. जिससे पूरा देश जूझ रहा है.