Courtesy: Rasol Tork pinterest
नई दिल्ली: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई जीवित हैं और पहले की तुलना में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रुकी हुई है और क्षेत्रीय तनाव लगातार बना हुआ है.
रुबियो ने सीनेट की विदेश संबंध समिति के समक्ष बोलते हुए कहा कि उन्हें ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि मोजतबा खामेनेई देश के मामलों में सक्रिय रूप से भागीदारी कर रहे हैं. गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के हमले में मोजतबा खामेनेई घायल हो गए थे, जबकि उनके पिता अली खामेनेई की मौत हो गई थी.
सीनेट की विदेश संबंध समिति के समक्ष अपने संबोधन में रुबियो ने कहा कि मोजतबा खामेनेई की भूमिका लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है.
रुबियो ने सीनेटरों से कहा, "मुझे लगता है कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि वह किसी न किसी स्तर पर तेजी से सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं."
रुबियो की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता ठप पड़ी हुई है. वहीं, पाकिस्तान की मध्यस्थता में 8 अप्रैल को हुई नाजुक युद्धविराम संधि भी दबाव का सामना कर रही है.
हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री ने ईरान के साथ समझौते की संभावना से इनकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि यदि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर महत्वपूर्ण सीमाएं लगाने को तैयार होता है तो प्रतिबंधों में राहत का रास्ता खुल सकता है.
रुबियो ने कहा, "हमारे सामने एक संभावना है, जो आज हो सकती है, कल हो सकती है, अगले सप्ताह हो सकती है."
मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने पर सहमत होना होगा, जिससे तेल और गैस के वैश्विक आवागमन में आ रही बाधाएं समाप्त हो सकें. उन्होंने यह भी कहा कि वहां से गुजरने वाले जहाजों पर गोलीबारी बंद करनी होगी.
रुबियो के अनुसार, यदि ईरान ऐसा करता है तो अमेरिका जलडमरूमध्य में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने में मदद करने के लिए तैयार रहेगा.
उन्होंने कहा, "उन्हें बहुत स्पष्ट रूप से घोषणा करनी होगी कि 'जलडमरूमध्य अब खुला है, हम कोई शुल्क नहीं ले रहे हैं.' हम उनके द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने में मदद करेंगे, और वे जहाजों पर गोलीबारी नहीं करेंगे."
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि किसी भी संभावित समझौते के लिए ईरान को अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को कम करने या समाप्त करने पर सहमत होना होगा.
उन्होंने कहा, "उन्हें संवर्धन गतिविधियों पर गंभीर और दीर्घकालिक प्रतिबंध लगाने और/या उन्हें रद्द करने के लिए बातचीत पर सहमत होना होगा."
रुबियो ने स्पष्ट किया कि ईरान पर लगे प्रतिबंध उसके परमाणु कार्यक्रम और अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के कारण हैं. उनका कहना था कि यदि ईरान इन गतिविधियों को छोड़ने पर सहमत होता है तो प्रतिबंधों में राहत संभव है.
उन्होंने कहा, "ईरान पर प्रतिबंध इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि उनके पास अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम है, ईरान पर प्रतिबंध उनकी परमाणु गतिविधियों के कारण लगाए जा रहे हैं, अगर वे इन चीजों को छोड़ने के लिए सहमत होते हैं, तो प्रतिबंधों में राहत दी जाएगी."