menu-icon
The Bharatvarsh News

कनाडाई मीडिया के फर्जी खबर पर पीएम ट्रूडो की सफाई, रिपोर्ट को बताया गलत

भारत और कनाडा के बीच पिछले साल से रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं. दोनों देशों के बीच खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामले को लेकर काफी विवाद हुआ. कनाडा ने इस मामले में भारत पर कई आरोप लगाएं हालांकि अब इस मामले में ट्रूडो सरकार बैक फूट पर आती नजर आ रही है.

Calendar Last Updated : 24 November 2024, 01:58 PM IST
Share:

India- Canada Relation: भारत सरकार द्वारा लिए गए सख्त एक्शन के बाद कनाडा सरकार अब बैकफुट पर आने लगी. खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामले में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने उस रिपोर्ट को मानने से इंकार कर दिया है, जिसमें इस हत्या का आरोप भारत के उपर लगाया था. यह रिपोर्ट कनाडाई मीडिया में प्रकाशित हुई थी. 

ट्रूडो सरकार ने मीडिया से बात करते हुए इस रिपोर्ट को गलत बताया. उन्होंने कहा कि हमने देखा है कि मीडिया को लीक की गई गुप्त जानकारी को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है. ये जानकारी अपराधी द्वारा लीक की गई है और हम इसे अविश्वसनीय मानते हैं.

खुफिया सलाहकार ने क्या कहा?

कनाडाई पीएम ने आगे कहा कि हम विदेशी हस्तक्षेप पर एक राष्ट्रीय जांच कर रहे हैं. जिसमें यह साफ हो जाएगा कि मीडिया में लीक की गई जानकारी में कितनी सच्चाई है. इस बीच कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया सलाहकार नैथली जी ड्रोइन ने एक बयान जारी कर कहा कि ओटावा के पास किसी भी तरह के लिंक के बारे में कोई जानकारी नहीं है. ड्रोइन ने कहा कि कनाडा सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री जयशंकर, या एनएसए अजीत डोभाल के खिलाफ किसी भी तरह के गंभीर आपराधिक गतिविधि से जुड़ी कोई जानकारी प्राप्त नहीं की है. उन्होंने इस प्रकार के आरोपों को अटकलें और गलत करार दिया. 

भारत का दो टूक

वहीं भारत की ओर से इस रिपोर्ट को बदनाम करने वाला अभियान करार दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम आमतौर पर मीडिया रिपोर्टों पर टिप्पणी नहीं करते, लेकिन ऐसे हास्यास्पद आरोपों को उसी अवमानना के साथ खारिज किया जाना चाहिए जिसके वे हकदार हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप से केवल दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचाएगा. अक्टूबर में भारत-कनाडा संबंधों में और तनाव आया जब कनाडा ने उच्चायुक्त संजय वर्मा सहित छह भारतीय राजनयिकों और अधिकारियों को हिंसक आपराधिक गतिविधियों से जोड़ा. भारत ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था. 

सम्बंधित खबर

Recent News