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नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव और टकराव की स्थिति बनी हुई है. हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच चले संघर्ष ने हजारों लोगों की जान ली और रिश्तों को और अधिक खराब कर दिया. हालांकि अब युद्धविराम और बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन दोनों देशों के बीच अविश्वास अब भी कायम है. ऐसे माहौल में दुनिया ने एक ऐसा दृश्य देखा, जिसने सबको चौंका दिया. दोनों देश अब एक ऐसे मिशन में साथ खड़े नजर आ रहे हैं, जिसका मकसद किसी युद्ध को जीतना नहीं बल्कि भूकंप प्रभावित लोगों की जान बचाना है.
वेनेजुएला में आए 7.5 और 7.2 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक कम से कम 235 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,500 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. राहत एजेंसियों का मानना है कि मलबे में दबे लोगों के कारण मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. ऐसे मुश्किल समय में दुनिया के कई देश सहायता के लिए आगे आए हैं, जिनमें अमेरिका और ईरान भी शामिल हैं.
अमेरिकी प्रशासन ने घोषणा की है कि वेनेजुएला में राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए बड़े स्तर पर मदद भेजी जा रही है. इस सहायता में दो युद्धपोत, मालवाहक विमान, हेलीकॉप्टर और करीब 150 मिलियन डॉलर (लगभग 1,250 करोड़ रुपये) का राहत पैकेज शामिल है. अमेरिकी सेना के सदर्न कमांड के अनुसार उनकी टीमें प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान चलाएंगी. वे मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने, घायलों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाने और नुकसान का आकलन करने का काम करेंगी. राहत मिशन के तहत USS Fort Lauderdale और USS Billings जैसे युद्धपोतों के साथ C-17 Globemaster और C-130 Hercules जैसे मालवाहक विमान भी भेजे गए हैं.
अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि राहत पैकेज का एक बड़ा हिस्सा मानवीय संगठनों के जरिए प्रभावित लोगों तक पहुंचाया जाएगा. इसमें 50 मिलियन डॉलर उन संस्थाओं को दिए जाएंगे जो पहले से वेनेजुएला में राहत कार्य कर रही हैं, जबकि 100 मिलियन डॉलर संयुक्त राष्ट्र के राहत कोष में जमा किए जाएंगे. इस धनराशि का उपयोग वर्ल्ड विजन, समैरिटन्स पर्स, कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज, इंटरनेशनल मेडिकल कॉर्प्स, इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन और वर्ल्ड फूड प्रोग्राम जैसी संस्थाओं के माध्यम से राहत सामग्री, भोजन, दवाइयों और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाएगा. इसके अलावा अमेरिका ने अपनी डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम के साथ वर्जीनिया के फेयरफैक्स काउंटी और कैलिफोर्निया के लॉस एंजिलिस काउंटी से विशेष खोज एवं बचाव दल भी भेजने का फैसला किया है.
हाल ही में संघर्ष का सामना कर चुका ईरान भी वेनेजुएला की मदद के लिए आगे आया है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भूकंप प्रभावित लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका देश हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वेनेजुएला में आए इस भीषण भूकंप से ईरान बेहद दुखी है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति शोक व्यक्त किया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में ईरान वेनेजुएला के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा और जरूरत पड़ने पर हर तरह की सहायता उपलब्ध कराएगा.
अमेरिका और ईरान के बीच राजनीतिक मतभेद और तनाव अभी खत्म नहीं हुए हैं, लेकिन वेनेजुएला में आई इस प्राकृतिक आपदा ने दोनों देशों को एक ऐसे मकसद के लिए साथ खड़ा कर दिया है, जहां राजनीति से ज्यादा इंसानियत को प्राथमिकता दी जा रही है. राहत कार्यों में दोनों देशों की सक्रियता यह दिखाती है कि बड़ी आपदाओं के समय मानवीय सहयोग सीमाओं और मतभेदों से कहीं ऊपर होता है.