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1992 फर्जी मुठभेड़ मामला: पंजाब के दो पूर्व पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा

चंडीगढ़:  पंजाब के मोहाली की एक विशेष अदालत ने अमृतसर में साल 1992 में हुए फर्जी मुठभेड़ के मामले में पंजाब पुलिस के दो पूर्व अधिकारियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इस फर्जी मुठभेड़ में दो व्यक्तियों की मौत हो गई थी.

Calendar Last Updated : 05 February 2025, 04:11 PM IST
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चंडीगढ़:  पंजाब के मोहाली की एक विशेष अदालत ने अमृतसर में साल 1992 में हुए फर्जी मुठभेड़ के मामले में पंजाब पुलिस के दो पूर्व अधिकारियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इस फर्जी मुठभेड़ में दो व्यक्तियों की मौत हो गई थी.

फर्जी मुठभेड़ में दोषी ठहराए गए पुलिस अधिकारी

पंजाब पुलिस के पूर्व थाना प्रभारी गुरभिंदर सिंह और सहायक उपनिरीक्षक पुरुषोत्तम सिंह को इस फर्जी मुठभेड़ के लिए दोषी पाया गया, जिसमें बलदेव सिंह और लखविंदर सिंह की मौत हो गई थी. दोनों अधिकारियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 218 (लोक सेवक द्वारा गलत रिकॉर्ड तैयार करना) के तहत दोषी ठहराया गया.

फर्जी मुठभेड़ और पुलिस का दावा

पुलिस ने इस मुठभेड़ के बाद दावा किया था कि बलदेव और लखविंदर कट्टर आतंकवादी थे, जो कई संगीन अपराधों में शामिल थे, जिनमें हत्या, जबरन वसूली और डकैती जैसे मामले शामिल थे. इसके अलावा, पुलिस ने यह भी कहा था कि बलदेव और लखविंदर सिंह का नाम तत्कालीन कैबिनेट मंत्री गुरमेज सिंह के बेटे हरभजन सिंह की हत्या में भी था. हालांकि, यह आरोप अब साबित नहीं हो सके.

सीबीआई जांच और सच्चाई का खुलासा

1995 में उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब पुलिस द्वारा लावारिस शवों के बड़े पैमाने पर अंतिम संस्कार के मामलों की जांच शुरू की. जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि बलदेव सिंह को 6 सितंबर 1992 को पुलिस दल ने उनके घर से उठाया था. बलदेव उस समय सेना में लांस नायक थे और छुट्टी पर थे. इसके बाद, 12 सितंबर 1992 को लखविंदर और कुलवंत सिंह को हिरासत में लिया गया, जबकि कुलवंत बाद में रिहा कर दिए गए थे.

मुकदमे की स्थिति

मुकदमे के दौरान हरभजन और मोहिंदर सहित कई अन्य आरोपी मृत हो चुके थे, लेकिन मामले में अदालत ने दोनों दोषियों को सजा सुनाई. यह घटना पुलिस के भीतर भ्रष्टाचार और मानवाधिकारों के उल्लंघन को उजागर करने वाली एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में याद की जाएगी.

(इस खबर को भारतवर्ष न्यूज की टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की हुई है)

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