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नई दिल्ली: कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के करीब तीन साल बाद एक नया दावा सामने आया है. भारत सरकार की ओर से आतंकी घोषित गोल्डी बराड़ का एक कथित ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें वह कथित तौर पर निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात करता सुनाई दे रहा है. हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है.
कथित ऑडियो में गोल्डी बराड़ की बातचीत आतंकी परमजीत सिंह उर्फ पम्मा के साथ बताई जा रही है. बराड़ इसमें दावा करता है कि निज्जर को उसी ने निशाना बनवाया था. वह अपने भाइयों की हत्या का जिक्र करते हुए निज्जर और उससे जुड़े लोगों के प्रति अपनी नाराजगी की वजह भी बताता है.
कथित ऑडियो के मुताबिक, बराड़ का कहना है कि उसके भाइयों की हत्या के बाद सुक्खा दुनेके और अर्श डल्ला जैसे लोग निज्जर की कोठी में रहते थे. उसका दावा है कि जिन जगहों से उसके भाइयों के खिलाफ साजिश रची गई, उनसे जुड़े लोगों को लेकर उसके मन में गहरी नाराजगी थी. ऑडियो में वह यह भी कहता सुनाई देता है कि गुरुद्वारा परिसर की मर्यादा का सम्मान करते हुए निज्जर पर अंदर हमला नहीं किया गया. हमलावरों ने उसके बाहर निकलने का इंतजार किया. बराड़ के मुताबिक, उसे लगा था कि अर्श डल्ला भी निज्जर के साथ गाड़ी में मौजूद हो सकता है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वह अपने ट्रक से पार्किंग से बाहर निकल रहा था, तभी एक सफेद सेडान कार ने उसका रास्ता रोक लिया. इसके बाद दो नकाबपोश हमलावरों ने उसकी ड्राइविंग सीट की तरफ से ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं. रिपोर्टों के अनुसार, करीब 50 राउंड फायरिंग हुई थी और 34 गोलियां निज्जर को लगीं. हमले के बाद आरोपी पास की गली में पहुंचे, जहां एक कार उनका इंतजार कर रही थी.
निज्जर की हत्या के बाद कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार के एजेंटों की संभावित भूमिका का आरोप लगाया था. भारत ने इन आरोपों को बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया था. इस विवाद के बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में भी तनाव बढ़ गया था.
भारत सरकार ने जनवरी 2024 में गोल्डी बराड़ को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया था. उस पर हत्या, जबरन वसूली और आतंकी नेटवर्क चलाने के आरोप हैं. पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी उसका नाम प्रमुख आरोपियों में शामिल रहा है.