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BJP ने पारित किया वंदे मातरम पर प्रस्ताव, कांग्रेस के 2 श्लोक वाले फैसले का विरोध

बीजेपी ने ‘वंदे मातरम’ के सम्मान और इसकी ऐतिहासिक विरासत को लेकर प्रस्ताव पारित करते हुए कांग्रेस के दो श्लोक गाने वाले फैसले की निंदा की. पार्टी ने राष्ट्रगीत को स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय चेतना का अहम प्रतीक बताते हुए इसकी पूरी विरासत को संरक्षित करने की बात कही.

Calendar Last Updated : 22 August 2026, 06:40 PM IST
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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने ‘वंदे मातरम’ के सम्मान और इसकी ऐतिहासिक विरासत को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया है. बीजेपी ने कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के उस फैसले का विरोध किया है, जिसमें कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सिर्फ पहले दो छंद गाने की व्यवस्था को बरकरार रखने की बात कही गई है. बीजेपी का कहना है कि इससे राष्ट्रगीत की पूरी ऐतिहासिक विरासत सीमित होती है. 

पार्टी ने कहा कि वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रतीक है. बीजेपी के मुताबिक, यह भारत माता के प्रति सम्मान और आजादी के संघर्ष के दौरान लोगों को एकजुट करने वाली भावना का प्रतिनिधित्व करता है. 

1937 के फैसले का भी किया जिक्र

बीजेपी ने अपने प्रस्ताव में कांग्रेस के 1937 के फैसले का जिक्र करते हुए उसकी आलोचना की है. पार्टी का कहना है कि उस समय वंदे मातरम के गायन को लेकर जो राजनीतिक परिस्थितियां बनी थीं, उनका असर आज की स्थिति पर नहीं डाला जाना चाहिए. इसके साथ ही प्रस्ताव में वंदे मातरम से जुड़ी संवैधानिक और कानूनी स्थिति का भी उल्लेख किया गया है. बीजेपी ने कहा कि किसी राजनीतिक दल की कार्यसमिति का फैसला संसद के निर्णय या देश की संवैधानिक व्यवस्था से ऊपर नहीं हो सकता. 

देशभर में लोगों तक पहुंचाएगी इतिहास

बीजेपी अब वंदे मातरम के इतिहास और उसके राष्ट्रीय महत्व को लोगों तक पहुंचाने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने की तैयारी में है. बता दें, पार्टी के मुताबिक, इस अभियान के जरिए खासकर युवाओं को बताया जाएगा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वंदे मातरम की क्या भूमिका रही और यह देश की राष्ट्रीय चेतना से कैसे जुड़ा. 

प्रस्ताव में महात्मा गांधी के वंदे मातरम को लेकर दिए गए विचारों का भी उल्लेख किया गया है. बीजेपी ने कहा कि राष्ट्रगीत के सम्मान और उसकी विरासत को राजनीतिक फायदे या तुष्टीकरण की राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। पार्टी का कहना है कि आने वाली पीढ़ियों को वंदे मातरम के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम से इसके संबंध की सही जानकारी मिलनी चाहिए. 

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