menu-icon
The Bharatvarsh News

सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान की बढ़ी चिंता, भारत को लेकर मंत्री का बड़ा बयान

पाकिस्तान के प्लानिंग मिनिस्टर अहसान इकबाल ने दो बड़े मुद्दों पर बयान देकर फिर से सुर्खियां बटोर ली हैं। पहला मुद्दा भारत द्वारा सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने का और दूसरा दक्षिण एशिया में भारत की रणनीतिक स्थिति का।

Calendar Last Updated : 22 August 2026, 06:33 PM IST
Share:

नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्लानिंग मिनिस्टर अहसान इकबाल ने दो बड़े मुद्दों पर बयान देकर फिर से सुर्खियां बटोर ली हैं। पहला मुद्दा भारत द्वारा सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने का और दूसरा दक्षिण एशिया में भारत की रणनीतिक स्थिति का। उनके दोनों बयान क्षेत्रीय राजनीति और पानी के विवाद को फिर से चर्चा में ले आए हैं।

भारत पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर सकता है, पाकिस्तान को खतरा   

अहसान इकबाल ने कहा कि पाकिस्तान अब इस बात से डरा हुआ है कि भारत पानी को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकता है। उनका कहना था कि भारत तटवर्ती देश है जहां से नदियां बहकर पाकिस्तान जाती हैं।

इस भौगोलिक फायदे का इस्तेमाल कर भारत पानी रोक सकता है। इकबाल ने कहा, पाकिस्तान के सामने अब यह खतरा साफ है कि भारत जरूरत पड़ने पर पानी रोकने के लिए पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर सकता है।

गौरतलब है कि भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को एबेयंस में रख दिया था। भारत का साफ स्टैंड है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता तब तक यह संधि बहाल नहीं होगी। पाकिस्तान इसे एकतरफा और गैरकानूनी बता रहा है।

दक्षिण एशिया के केंद्र में भारत, उसके बिना कामकाज मुमकिन नहीं   

दूसरे बयान में अहसान इकबाल ने भारत की भौगोलिक ताकत को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि भारत दक्षिण एशिया के बिल्कुल केंद्र में है और बाकी सभी देश उसकी परिधि पर हैं। दक्षिण एशिया के सही तरीके से काम करने के लिए भारत की भूमिका बहुत अहम है।

यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि पाकिस्तान अक्सर भारत को क्षेत्रीय सहयोग में बाधा बताता रहा है। अब उसी के मंत्री ने माना है कि क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए भारत की भागीदारी जरूरी है।

भारत का आकार, उसकी अर्थव्यवस्था और लोकेशन उसे स्वाभाविक रूप से दक्षिण एशिया का सेंटर बनाते हैं। नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान सभी भारत से जुड़े हैं।

पाकिस्तान की दोहरी रणनीति आई सामने   

इकबाल के दोनों बयानों को एक साथ देखें तो पाकिस्तान की दोहरी सोच दिखती है। एक तरफ वह भारत पर पानी के हथियारीकरण का आरोप लगा रहा है तो दूसरी तरफ क्षेत्र के कामकाज के लिए भारत को जरूरी बता रहा है।

सिंधु जल संधि 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से बनी थी। भारत का कहना है कि आतंक और बातचीत साथ नहीं चल सकते। पाकिस्तान इसे जंग जैसा कदम बता चुका है।

हकीकत यह है कि पाकिस्तान की 80% खेती सिंधु नदी सिस्टम पर टिकी है इसलिए पानी का मुद्दा उसके लिए लाइफलाइन है। आने वाले दिनों में पानी और आतंकवाद दोनों मुद्दों पर दोनों देशों के बीच तनाव और बातचीत दोनों जारी रहेंगे।

सम्बंधित खबर

Recent News