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ट्विशा शर्मा सुसाइड केस: CBI की चार्जशीट में हुआ खुलासा, पति और सास पर लगे आत्महत्या को उकसााने का आरोप

जांच एजेंसी ने भोपाल की विशेष अदालत में 1,000 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल करते हुए ट्विशा के पति समर्थ सिंह और पूर्व जिला जज सास गिरिबाला सिंह पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।

Calendar Last Updated : 18 August 2026, 02:29 PM IST
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भोपाल: मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। जांच एजेंसी ने भोपाल की विशेष अदालत में 1,000 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल करते हुए ट्विशा के पति समर्थ सिंह और पूर्व जिला जज सास गिरिबाला सिंह पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। सीबीआई का कहना है कि ससुराल पक्ष द्वारा की गई लगातार मानसिक क्रूरता और प्रताड़ना ने अभिनेत्री को इस कदर तोड़ दिया था कि उनके पास अपनी जीवन लीला समाप्त करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था। हालांकि, एजेंसी ने दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या से जुड़े पहलुओं पर अपनी जांच अभी खुली रखी है।

शादी के महज पांच महीने बाद ही थम गई थीं सांसें

33 वर्षीय ट्विशा शर्मा और समर्थ सिंह का विवाह 9 दिसंबर 2025 को हुआ था। शादी के महज पांच महीने बाद, 12 मई को भोपाल स्थित उनके ससुराल में ट्विशा का शव फंदे से लटका मिला था। 

घटना की रात समर्थ उन्हें एम्स भोपाल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। 

मानसिक प्रताड़ना का आरोप 

परिवार के गंभीर आरोपों और प्रारंभिक जांच में कमियों के बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने मामले में हस्तक्षेप किया और एम्स दिल्ली की चार सदस्यीय टीम द्वारा दोबारा पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया, जिसने कार्रवाई करते हुए पति और सास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

काउंसलिंग रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट बने अहम सबूत

न्यायाधीश शोभना भालवी की विशेष अदालत में पेश चार्जशीट में सीबीआई ने डिजिटल और मौखिक साक्ष्यों को आधार बनाया है। जांच दल ने काउंसलिंग के दस्तावेजों, व्हाट्सएप संदेशों की बातचीत और गवाहों के बयानों को सबूत के तौर पर शामिल किया है, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि ट्विशा को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही थी। मृतका के परिजनों ने चार्जशीट का स्वागत करते हुए कहा कि इसमें आरोपियों की भूमिका और क्रूरता को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है। परिजनों के वकीलों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट्स आने के बाद सबूतों से छेड़छाड़ की धाराओं के तहत अन्य लोगों के नाम भी जोड़े जा सकते हैं।

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