Courtesy: Education Spot
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू होते ही बड़ी संख्या में आवेदन आने लगे हैं. बोर्ड के अनुसार, हजारों छात्र अपने अंकों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर रहे हैं.
सीबीएसई ने बताया कि पोर्टल पर अब तक 56 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं. इस दौरान वेबसाइट को साइबर हमलों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन तकनीकी टीम ने उन्हें सफलतापूर्वक विफल कर दिया और पोर्टल की सेवाएं सामान्य बनाए रखीं.
सीबीएसई ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर छात्रों की ओर से भारी प्रतिक्रिया मिल रही है.
बोर्ड ने पोस्ट में कहा, "आज रात 9:30 बजे तक, पोर्टल ने वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए 56,000 से ज़्यादा आवेदन स्वीकार कर लिए हैं. आज दोपहर वेबसाइट पर हुए 3.8 मिलियन पैकेट के 'डिनायल ऑफ़ सर्विस' (Denial of Service) हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया. हमारी टेक्निकल टीमें परफॉर्मेंस पर लगातार नजर रख रही हैं और छात्रों को ज्यादा आसान, तेज और बिना किसी रुकावट के अनुभव देने के लिए सुधार कर रही हैं."
सीबीएसई के अनुसार, दोपहर के समय वेबसाइट पर बड़े स्तर का डिनायल ऑफ सर्विस (DoS) हमला किया गया था. हालांकि, तकनीकी विशेषज्ञों ने समय रहते इसे रोक दिया, जिससे छात्रों को आवेदन प्रक्रिया में किसी बड़ी बाधा का सामना नहीं करना पड़ा.
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी टीमें लगातार सिस्टम की निगरानी कर रही हैं और बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं.
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 12वीं के परिणामों के बाद वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आधिकारिक पोर्टल सक्रिय कर दिया है.
यह पोर्टल 2 जून 2026 से छात्रों के लिए उपलब्ध है और इच्छुक विद्यार्थी निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन कर सकते हैं.
जो छात्र अपने अंकों के सत्यापन या उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे 6 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
इसके लिए छात्रों को सीबीएसई के आधिकारिक Post-Result Activities Portal पर जाकर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए छात्रों को प्रति विषय 100 रुपये शुल्क देना होगा. इससे पहले यह शुल्क 500 रुपये प्रति विषय था.
वहीं, री-इवैल्यूएशन के लिए प्रति प्रश्न 25 रुपये फीस निर्धारित की गई है, जबकि पहले इसके लिए 100 रुपये प्रति प्रश्न का भुगतान करना पड़ता था.
सीबीएसई ने छात्रों को राहत देते हुए यह व्यवस्था भी लागू की है कि यदि पुनर्मूल्यांकन के बाद किसी छात्र के अंक बढ़ते हैं, तो उससे वसूली गई री-इवैल्यूएशन फीस पूरी तरह वापस कर दी जाएगी.