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ईरान के राष्ट्रपति को मिली जान से मारने की धमकी, 'ब्लेड और आपका गला' वाले संदेश से मचा हड़कंप

अमेरिका से युद्धविराम के बाद ईरान में राजनीतिक संकट गहरा गया है. राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची को कट्टरपंथियों की धमकियों के बीच देश में तख्तापलट की अटकलें तेज हो गई हैं.

Calendar Last Updated : 19 July 2026, 01:32 PM IST
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नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम के बाद अब ईरान के भीतर राजनीतिक तनाव तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है. सरकार और कट्टरपंथी गुटों के बीच टकराव खुलकर सामने आने लगा है. राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची को न केवल विरोध का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उन्हें खुलेआम धमकियां भी दी जा रही हैं. इससे देश में राजनीतिक अस्थिरता और तख्तापलट की अटकलें तेज हो गई हैं.

राष्ट्रपति और विदेश मंत्री पर बढ़ा दबाव

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के साथ बातचीत और युद्धविराम को लेकर कट्टरपंथी संगठन सरकार से बेहद नाराज हैं. उनका आरोप है कि सरकार ने समझौते के जरिए इस्लामिक क्रांति के सिद्धांतों से समझौता किया है. इसी नाराजगी का असर सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी देखने को मिला, जहां राष्ट्रपति के खिलाफ नारेबाजी हुई और विदेश मंत्री अब्बास अराघची पर हमला करने की कोशिश की गई.

खुली सभा में दी गई जान से मारने की धमकी

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब एक कट्टरपंथी धार्मिक गायक ने जनसभा में राष्ट्रपति को सीधे धमकी देते हुए कहा कि यदि सर्वोच्च नेतृत्व की शर्तें पूरी नहीं हुईं तो उनके खिलाफ हिंसक कार्रवाई की जाएगी. इस बयान ने ईरान की राजनीति में हलचल मचा दी और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी.

नए सुप्रीम लीडर की चुप्पी बनी चर्चा

देश में नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की लगातार गैर-मौजूदगी भी कई सवाल खड़े कर रही है. उन्होंने अब तक न तो जनता को संबोधित किया है और न ही किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई दिए हैं. इसी वजह से कट्टरपंथी धड़े आरोप लगा रहे हैं कि सरकार इस स्थिति का फायदा उठाकर सत्ता पर पूरी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है.

सरकार ने शुरू की कार्रवाई

सरकार ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कट्टरपंथी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. तख्तापलट की अफवाह फैलाने और गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में कुछ नेताओं को अहम जिम्मेदारियों से हटाया गया है. माना जा रहा है कि सरकार किसी भी तरह आंतरिक अस्थिरता को बढ़ने से रोकना चाहती है.

क्या ईरान में बढ़ेगा संकट?

ईरान इस समय दोहरी चुनौती से जूझ रहा है. एक ओर सरकार आर्थिक प्रतिबंधों से राहत और अंतरराष्ट्रीय तनाव कम करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर कट्टरपंथी गुट अमेरिका और इजरायल के खिलाफ आक्रामक रुख बनाए रखने की मांग कर रहे हैं. ऐसे में अगर दोनों पक्षों के बीच टकराव और बढ़ता है, तो ईरान गंभीर राजनीतिक संकट और सत्ता संघर्ष की ओर बढ़ सकता है.

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