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पटना और मुंबई HC के मुख्य न्यायाधीश को मिली पदोन्नति, SC कॉलेजियम की सिफारिश केंद्र सरकार ने किया स्वीकार

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने संविधान के तहत शक्तियों का उपयोग कर इन नियुक्तियों को मंजूरी दी. इन नियुक्तियों के बाद सर्वोच्च न्यायालय अपनी पूर्ण क्षमता, यानी 34 न्यायाधीशों के साथ काम करेगा.

Calendar Last Updated : 27 August 2025, 04:11 PM IST
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Supreme Court Judges Appointment: केंद्र सरकार ने आज यानी बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है. इसके तहत पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विपुल मनुभाई पंचोली और बॉम्बे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. 

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने संविधान के तहत शक्तियों का उपयोग कर इन नियुक्तियों को मंजूरी दी है. इन नियुक्तियों के बाद सर्वोच्च न्यायालय अपनी पूर्ण क्षमता, यानी 34 न्यायाधीशों के साथ काम करेगा.

पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने लिया बैठक 

मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई की अध्यक्षता में 25 अगस्त को पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने बैठक की. इसमें न्यायमूर्ति सूर्यकांत, विक्रम नाथ, जे के माहेश्वरी और नागरत्ना शामिल थे. कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति आलोक अराधे और विपुल मनुभाई पंचोली के नामों की सिफारिश की. इन नामों को केंद्र सरकार ने तुरंत मंजूरी दे दी. यह कदम न्यायपालिका में तेजी से निर्णय लेने की प्रक्रिया को दर्शाता है. सर्वोच्च न्यायालय की एकमात्र महिला न्यायाधीश, न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना ने न्यायमूर्ति पंचोली की पदोन्नति का कड़ा विरोध किया. उन्होंने कहा कि पंचोली की कम वरिष्ठता और उनके गुजरात उच्च न्यायालय से पटना उच्च न्यायालय में स्थानांतरण की परिस्थितियां उनकी नियुक्ति को प्रतिकूल बनाती हैं. पीटीआई के अनुसार, नागरत्ना ने चेतावनी दी कि यह नियुक्ति कॉलेजियम की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकती है. उन्होंने बताया कि पंचोली का स्थानांतरण नियमित नहीं था, बल्कि वरिष्ठ न्यायाधीशों के परामर्श के बाद लिया गया सोचा-समझा निर्णय था.

न्यायमूर्ति पंचोली का करियर  

न्यायमूर्ति विपुल मनुभाई पंचोली का जन्म 1968 में हुआ. जिसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी कर 1991 से लेकर लंबे समय तक गुजरात कोर्ट में प्रैक्टिस किया. जिसके बाद 2014 में उन्हें गुजरात हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया. इसके दो साल बाद 2016 में उन्हें स्थायी न्यायाधीश बना दिया गया. इसके बाद जुलाई 2023 में उनका ट्रांसफर पटना उच्च न्यायालय में कर दिया गया. जहां वे मुख्य न्यायाधीश बनाए गए. इसके बाद अक्टूबर 2031 में वे भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में होंगे. इन नियुक्तियों से सर्वोच्च न्यायालय की कार्यक्षमता बढ़ेगी. 34 न्यायाधीशों की पूर्ण टीम के साथ लंबित मामलों को तेजी से निपटाने में मदद मिलेगी. 

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