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नेपाल की बाढ़ का पानी पहुंचा बिहार, गंडक बैराज पर बढ़ा जलप्रवाह, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर अब बिहार तक पहुंचने लगा है. गंडक बैराज पर जलप्रवाह बढ़ने के बाद प्रशासन और जल संसाधन विभाग अलर्ट पर हैं, जबकि नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

Calendar Last Updated : 27 August 2026, 10:38 AM IST
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पटना: नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर अब बिहार तक दिखाई देने लगा है. बुधवार देर रात बाढ़ का पानी गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर पहुंच गया, जिसके बाद जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया. हालांकि विभाग का कहना है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए फिलहाल घबराने जैसी बात नहीं है, लेकिन नदी के बढ़ते जलप्रवाह पर लगातार नजर रखी जा रही है.

जल संसाधन विभाग के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे तक गंडक बैराज में जलश्राव में लगभग 20 हजार क्यूसेक की बढ़ोतरी दर्ज की गई. अनुमान जताया गया कि रात 11 बजे तक जलप्रवाह अपने उच्च स्तर पर पहुंच सकता है, जिसके बाद इसमें धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है.

गंडक नदी में कितना पहुंच सकता है जलप्रवाह?

विभाग के अनुमान के मुताबिक, गंडक नदी में अधिकतम जलश्राव करीब दो लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है. अधिकारियों का कहना है कि यह स्थिति सामान्य दायरे में रहने की उम्मीद है. इसके बावजूद किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए बैराज और आसपास के इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है. तटबंधों की लगातार जांच की जा रही है, जबकि नियंत्रण कक्षों से नदी के जलस्तर और जलप्रवाह की हर जानकारी जुटाई जा रही है. अधिकारियों और कर्मचारियों को भी पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.

पिछले वर्षों के आंकड़ों से समझें स्थिति

इस साल 14 जुलाई को गंडक नदी में अधिकतम 2 लाख 24 हजार क्यूसेक जलश्राव दर्ज किया गया था. वहीं, वर्ष 2024 में 28 सितंबर को नदी का जलप्रवाह बढ़कर 5 लाख 62 हजार 500 क्यूसेक तक पहुंच गया था. इन पुराने आंकड़ों की तुलना में इस बार अनुमानित अधिकतम जलश्राव काफी कम बताया जा रहा है. इसी वजह से विभाग ने फिलहाल स्थिति को सामान्य बताया है, लेकिन नेपाल के ऊपरी इलाकों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतर्कता कम नहीं की गई है.

लोगों से अफवाहों से बचने की अपील

जल संसाधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें. नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी पर ध्यान देने को कहा गया है. विभाग का संदेश साफ है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सावधानी जरूरी है. वहीं, उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नेपाल से आने वाले पानी की लगातार जानकारी ली जा रही है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है.

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