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नई दिल्ली: देश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में मॉनसून पूरी तरह मेहरबान है, लेकिन यही मेहरबानी अब कई इलाकों के लिए आफत बन चुकी है। बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी तंत्र ने उत्तर और मध्य भारत की रफ्तार पर ब्रेक सा लगा दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 17 राज्यों में दिनभर मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इस आफत भरी बारिश का सबसे गहरा असर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में देखने को मिल रहा है, जहां कई नदियां उफान पर हैं।
मध्य प्रदेश के 22 जिलों में अलर्ट
मध्य प्रदेश की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। मॉनसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के एक साथ सक्रिय होने के कारण राज्य भर में लगातार पानी बरस रहा है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांडुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सिवनी, जबलपुर, विदिशा, सागर, रायसेन और मंडला में भारी जलभराव का खतरा मंडरा रहा है।
उत्तर प्रदेश में बाढ़ का कहर, गंगा के 80 से ज्यादा घाट डूबे
उत्तर प्रदेश के 14 से अधिक जिलों में इस समय बाढ़ जैसे गंभीर हालात बने हुए हैं। प्रयागराज, वाराणसी, बाराबंकी, सोनभद्र और मिर्जापुर जैसे इलाके इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बाराबंकी के शहरी इलाकों में पानी इस कदर भर गया है कि सड़कों पर गाड़ियों की जगह नावें चलानी पड़ रही हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है।
उधर, प्रयागराज और वाराणसी में गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वाराणसी के 80 से अधिक घाट पानी में पूरी तरह डूब चुके हैं, जिसके बाद प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की कड़ी चेतावनी जारी की है।
हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन, रास्ते बंद
पहाड़ी राज्यों में बारिश अपने साथ तबाही का मंजर लेकर आई है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बरसात के कारण जगह-जगह भूस्खलन हो रहे हैं। पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे का एक बड़ा हिस्सा भारी बारिश के चलते धंस गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। हिमाचल के शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और किन्नौर जैसे जिलों में अगले 24 घंटे संवेदनशील माने जा रहे हैं। वहीं, उत्तराखंड के ऋषिकेश, हरिद्वार, चमोली और रुद्रप्रयाग में भी भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर को मिली उमस से राहत
दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर के लोगों को इस मानसूनी बारिश से उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में बीते दो दिनों से हो रही बूंदों ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि राजधानी और आसपास के इलाकों में अगले तीन से चार दिनों तक बादलों का यह जमावड़ा बना रहेगा और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।