Indian Navy: समुद्री जहाजों पर ड्रोन अटैक के बढ़ते मामलों के बीच एक्शन में आई भारतीय नौसेना, कड़ी हुई सुरक्षा

Indian Navy: नौसेना के आज (31 दिसंबर) दिए गए बयान के अनुसार समुद्र की सुरक्षा अभियान चलाने और किसी भी हालात में व्यापारिक जहाजों की सहायता के लिए विध्वंसक और फ्रिगेट वाले नौसेना कार्य समूहों की तैनाती की गई है.

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हाइलाइट्स

  • समुद्री जहाजों पर ड्रोन अटैक के बढ़ते मामलों के बीच एक्शन में आई नौसेना,
  • समुद्री क्षेत्रों के कड़ी की सुरक्षा व्यवस्था

Indian Navy: लाल सागर, अदन की खाड़ी और अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन से गुजरने वाले भारत के व्यापारिक जहाजों पर बीते कुछ हफ्तों के दौरान हुए ड्रोन हमलों को लेकर भारतीय नौसेना ने अहम कदम उठाया है. बता दें, कि नौसेना ने समुद्री डकैतो के मंसूबों को फेल करने के लिए अरब सागर में अपनी निगरानी को बढ़ा दिया है. नौसेना के आज (31 दिसंबर) दिए गए बयान के अनुसार समुद्र की सुरक्षा अभियान चलाने और किसी भी हालात में व्यापारिक जहाजों की सहायता के लिए विध्वंसक और फ्रिगेट वाले नौसेना कार्य समूहों की तैनाती की गई है.  वहीं  नौसेना ने कहा है कि वह हिन्द महासागर में नए सुरक्षा के खतरों की देख-रेख के लिए तटरक्षक बल के साथ मिलकर काम कर रही है. 

नौसेना प्रमुख ने अरब सागर में सुरक्षा बढ़ाने के दिए निर्देश 

इस दौरान अधिकारियों ने आगे कहा कि नौसेना चीफ एडमिरल आर हरि कुमार ने अरब सागर क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए हर संभव कार्रवाई करने के निर्देश दिए जारी किये हैं. इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखने के लिए कहा है. अरब सागर में व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों को देखते हुए नौसेना ने देख-रेख के लिए लंबी दूरी के पी-81 गश्ती विमान और युद्धपोत आईएएनएस मोरमुगाओ, आईएएनएस कोच्चि और आईएएनएस कोलकाता की तैनाती की गई है. वहीं  भारतीय नौसेना की तरफ से पूरे हालात पर बारीकी से नजर रखे हुए है. 

क्यों एक्शन में आई नौसेना?

आपको बता दें कि शनिवार( 23 दिसंबर) को पोरबंदर से करीब 217 समुद्री मील की दूरी पर 21 भारतीय चालक दल के सदस्यों वाले कमर्शियल शिप पर एक ड्रोन हमला किया गया था. जिसके बाद भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल ने जहाज की मदद के लिए कई पोत तैनात किये थे. ये जहाज लगभग साढ़े तीन बजे मुंबई तट पर पहुंचा था. इस दौरान मुंबई के भारतीय तटरक्षक जहाज आईसीजीएस विक्रम ने इसको सुरक्षा दी थी. 

इस दौरान जहाज के पहुंचने पर भारतीय नौसेना के एक प्रवक्ता के अनुसार नौसेना के विस्फोटक आयुध रोधी दल ने जहाज पर हुए हमले की जांच की थी. इस दौरान हमले के  क्षेत्र और जहाज पर मिले मलबे का निरक्षण करने के बाद पता लगा था की ये एक ड्रोन हमला था.

हमले पर क्या बोले थे राजनाथ सिंह?

केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 23 दिसंबर को एमवी केम प्लूटो’ जहाज पर हुए ड्रोन हमले और लाल सागर में ‘एमवी साईबाबा’ पर हुए हमले को लेकर बोलते हुए कहा था कि हमलावर को हम पाताल से भी खोज निकलेंगे.  उन्होंने कहा था कि भारत के समुद्री इलाकों में अब हलचलें तेज हो गई हैं. भारत की बढ़ती ताकत कुछ लोगों को रास नहीं आ रही है,  जिन लोगों इन गतिविधि को अंजाम दिया है. उसे सागर की गहराई से निकालकर अच्छे से सबक सिखाया जाएगा.