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नई दिल्ली : भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 20 फरवरी से शुरू होने वाली जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे. विदेश मंत्रालय ने बुधवार को इस यात्रा की जानकारी दी.
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान, विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर द्वारा कुछ द्विपक्षीय बैठकें भी आयोजित की जा सकती हैं. यह बैठक भारत के लिए वैश्विक कूटनीतिक रिश्तों को मजबूती देने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने प्रभाव को बढ़ाने का एक अहम अवसर साबित हो सकती है.
दक्षिण अफ्रीका वर्तमान में जी-20 समूह का अध्यक्ष है, और यह बैठक जोहानिसबर्ग में आयोजित की जाएगी. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के अंतरराष्ट्रीय संबंध और सहयोग मंत्री रोनाल्ड लामोला के निमंत्रण पर जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक (एफएमएम) में भाग लेने के लिए 20 और 21 फरवरी 2025 को जोहानिसबर्ग की यात्रा करेंगे."
डॉ. जयशंकर की इस यात्रा में भारत का उद्देश्य न केवल जी-20 देशों के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करना है, बल्कि इस महत्वपूर्ण मंच पर "ग्लोबल साउथ की आवाज को भी मजबूत करना" है. 'ग्लोबल साउथ' शब्द का प्रयोग सामान्यतः उन देशों के लिए किया जाता है जो आर्थिक रूप से कम विकसित हैं. इस संदर्भ में भारत का यह कदम, वैश्विक दक्षिण के देशों की समस्याओं और चिंताओं को उजागर करने में मदद करेगा.
कुल मिलाकर, यह यात्रा भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नया आयाम देने के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका के साथ द्विपक्षीय संबंधों को भी प्रगाढ़ करेगी.