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करूर भगदड़ मामला: CBI ने अभिनेता-राजनेता विजय को किया तलब, 12 जनवरी को हीगी पेशकश

तमिलनाडु के करूर भगदड़ मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अभिनेता और राजनेता विजय को समन जारी कर दिया गया है. अब 12 जनवरी को उनकी पेशी होगी. जिसमें उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया जाएगा.

Calendar Last Updated : 06 January 2026, 03:38 PM IST
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चेन्नई: तमिलनाडु के करूर भगदड़ मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अभिनेता और राजनेता विजय को समन जारी किया है. विजय तमिलागा वेट्री कड़गम (TVK) पार्टी के संस्थापक भी हैं. अधिकारियों के अनुसार, उन्हें 12 जनवरी को CBI के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है. यह कदम उस समय उठाया गया है जब जांच एजेंसी इस दुखद घटना से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है.

बता दें  यह हादसा पिछले साल 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर जिले के वेलुस्वामीपुरम इलाके में हुआ था, जहां टीवीके की एक राजनीतिक रैली का आयोजन किया गया था. भारी संख्या में भिड़ उमड़ने के कारण अचानक भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ की स्थिती हो गई. जिसमें करीब 41 लोगों की मौत हो गई और अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. 

CBI को मिली जांच

शुरुआत में तमिलनाडु सरकार ने इस मामले की CBI को इस मामले में लाने का विरोध किया था. राज्य सरकार का कहना था कि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है और इसके लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की जांच करने में सक्षम है. सरकार ने यह भी तर्क दिया था कि स्थानीय एजेंसियां हालात को बेहतर ढंग से समझती हैं.

लेकिन मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, तो शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार की दलीलों को स्वीकार नहीं किया. कोर्ट ने कहा कि करूर की यह घटना इतनी गंभीर है कि इसने देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है. इसी कारण अदालत ने निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए मामला CBI को सौंप दिया और SIT से जांच जारी रखने की अनुमति नहीं दी.

किन बिंदुओं पर हो रही है जांच

CBI ने जांच अपने हाथ में लेने के बाद कई अहम पहलुओं की जांच शुरू की. इनमें उन्होंने रैली के लिए दी गई अनुमति, भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती, आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता और घटना के समय प्रशासन की प्रतिक्रिया सबकी जांच कर रही है. इसके अलावा, CBI ने TVK पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों से पड़ताल कर उनके बयान भी दर्ज किए हैं.

अदालतों की सख्ती और आगे की तैयारी

इस हादसे के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया था. अदालत ने तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया कि वह राजनीतिक रैलियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सुरक्षा नियमों को और मजबूत करें. साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर अदालत में पेश करने को कहा गया.

CBI की जांच अभी जारी है और विजय को समन भेजा जाना इस मामले में एक अहम कदम माना जा रहा है. आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है.

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