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सब-इंस्पेक्टर से परेशान महिला डॉक्टर ने किया सुसाइड, हाथ पर लिखा सुसाइड नोट

महाराष्ट्र के सतारा जिले में एक महिला डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली. हाथ पर लिखे सुसाइड नोट में इसके पीछे एक सब इंस्पेक्टर और एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत को वजह बताया गया.

Calendar Last Updated : 26 October 2025, 08:56 AM IST
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मुंबई: महाराष्ट्र के सतारा जिले में एक महिला डॉक्टर की कथित आत्महत्या ने लोगों का ध्यान खिंचा है. बीड जिले की रहने वाली यह डॉक्टर गुरुवार रात अपने छात्रावास में फंदे से लटकी मिली. पुलिस ने इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिसमें सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदाने और सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बनकर शामिल है.

महिला डॉक्टर ने अपनी हथेली पर ही सुसाइड नोट लिखा है. जिसमें पीड़िता ने दो आरोपियों को इसका जिम्मेदार बताया है. हाथ पर लिखे नोट के मुताबिक गोपाल बदाने पर बलात्कार और प्रशांत बनकर पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है. सतारा पुलिस के अनुसार, इस नोट के आधार पर दोनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और बलात्कार का मामला दर्ज किया गया. यह नोट जांच का मुख्य आधार बना है.

क्या है पूरा मामला?

सतारा पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने सबसे पहले प्रशांत बनकर को हिरासत में लिया गया. इसके बाद गोपाल बदाने ने खुद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया. सतारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी ने बताया कि बदाने को गिरफ्तार कर लिया गया है. यह इस मामले में दूसरी गिरफ्तारी है.

बनकर को सतारा की जिला अदालत में पेश किया गया, जहां उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि एक युवा डॉक्टर की आत्महत्या बहुत दुखद है. सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है. संबंधित पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया और गिरफ्तारियां हो रही हैं. हालांकि, उन्होंने इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की अपील भी की.

क्यों परेशान करता था सब इंस्पेक्टर

महिला के परिवार ने इस मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है. उनके अनुसार, डॉक्टर ने कई बार गोपाल बदाने के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. परिवार का दावा है कि फलटन में कुछ राजनीतिक लोग पीड़िता को पोस्टमार्टम ड्यूटी के दौरान मेडिकल रिपोर्ट बदलने के लिए दबाव डालते थे.

एक रिश्तेदार ने कहा कि उसकी शिकायतों को अनसुना किया गया. उसे मानसिक रूप से परेशान किया गया. पीड़िता सतारा के एक सरकारी अस्पताल में कार्यरत थीं. वह नियमित रूप से पोस्टमार्टम ड्यूटी संभालती थीं. उनकी आत्महत्या ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे समुदाय को सदमे में डाल दिया है. 

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