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दिल्ली चुनाव नतीजों पर उमर अब्दुल्ला का तंज, AAP-कांग्रेस गठबंधन पर कसा व्यंग्य

दिल्ली विधानशभा चुनाव में वोटों की गिनती जारी है. सामने आ रहे आंकड़ों में बीजेपी 27 सालों बद राष्ट्रीय राजधानी में सरकार बनाती नजर आ रही है. हालांकि अभी इतना पहले कुछ भी पक्का करना गलत होगा लेकिन इन सभी के बीच जम्मू-कश्मरी के मुख्य्मंत्री उमर अब्दुल्ला भी अपने विचार साझा करने से खुद को रोक नहीं पाएं.

Calendar Last Updated : 08 February 2025, 11:28 AM IST
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Omar Abdullah on Delhi Elections 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के साथ ही राजनीतिक बयानबाजियों का दौर भी तेज हो गया है.

इस बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इंडिया ब्लॉक में मचे घमासान पर व्यंग्य कसते हुए एक रहस्यमयी ट्वीट करते हुए कहा कि 'और लड़ो आपस में!'.

उमर अब्दुल्ला का इशारा

उमर अब्दुल्ला का यह बयान आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच की तकरार की ओर इशारा करता है. दोनों दलों ने 2024 के लोकसभा चुनावों में साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हो गए. नतीजों में AAP को तगड़ा झटका लगता नजर आ रहा है.

वहीं बीजेपी सत्ता में वापसी के करीब दिख रही है.  उमर अब्दुल्ला ने पोस्ट शेयर करते हुए मीम शेयर किया. जिसमें लिखा था कि  'समाप्त कर दो एक दूसरे को , जो साफ तौर पर विपक्षी खेमे में चल रहे टकराव का मजाक उड़ा रहा था.  
 

क्या कह रहा है रूझान?

मतगणना के शुरुआती रुझानों में, दिल्ली की मुख्यमंत्री और आप उम्मीदवार आतिशी कालकाजी सीट से भाजपा उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी से पीछे चल रही हैं. कालकाजी में मुकाबला करीब से देखा जा रहा है क्योंकि आम आदमी पार्टी की एक प्रमुख नेता आतिशी को भाजपा से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. जो राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी की पकड़ के लिए एक महत्वपूर्ण लड़ाई हो सकती है. इस रिपोर्ट को लिखने के समय, भाजपा और आप के बीच कड़ी टक्कर चल रही थी. चुनाव आयोग द्वारा शुरुआती रुझान दिखाने के अनुसार, भाजपा 42 सीटों पर आगे चल रही थी, जबकि आप भी 28 निर्वाचन क्षेत्रों में आगे चल रही थी.

आप अपने शासन रिकॉर्ड और कल्याणकारी योजनाओं पर भरोसा करते हुए लगातार तीसरा कार्यकाल चाह रही है. दूसरी ओर, भाजपा 25 से अधिक वर्षों के बाद राजधानी को पुनः प्राप्त करने के लिए दृढ़ प्रयास कर रही है. कांग्रेस, जिसने 2013 तक 15 साल तक दिल्ली पर शासन किया, पिछले दो चुनावों में एक भी सीट जीतने में विफल रहने के बाद वापसी करने का प्रयास कर रही है.

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