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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को महान आध्यात्मिक गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस को उनकी जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस के अद्वितीय योगदान और उनके द्वारा दी गई आध्यात्मिक शिक्षा को याद किया.

Calendar Last Updated : 18 February 2025, 10:57 AM IST
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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को महान आध्यात्मिक गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस को उनकी जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस के अद्वितीय योगदान और उनके द्वारा दी गई आध्यात्मिक शिक्षा को याद किया.

स्वामी रामकृष्ण परमहंस का जीवन

स्वामी रामकृष्ण परमहंस का जन्म 18 फरवरी, 1836 को कोलकाता से कुछ मील दूर स्थित एक छोटे से गांव कमरपुकुर में हुआ था. वे एक गरीब ब्राह्मण परिवार में जन्मे थे, लेकिन उनके जीवन का उद्देश्य समाज और धर्म की सेवा करना था. उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की, जो आज भी धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है. उनका जीवन सत्य, भक्ति और आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करने वाला था.

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए स्वामी रामकृष्ण परमहंस को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने लिखा, "सभी देशवासियों की ओर से स्वामी रामकृष्ण परमहंस जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन." यह संदेश स्वामी रामकृष्ण के योगदान को सम्मानित करने का एक तरीका था, जो न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में भक्ति और मानवता का प्रचार करते हैं.

रामकृष्ण मिशन का महत्व

स्वामी रामकृष्ण परमहंस के योगदान के कारण ही रामकृष्ण मिशन आज भी लोगों के जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है. यह मिशन सामाजिक सेवा, शिक्षा, चिकित्सा और धर्म के प्रचार-प्रसार में कार्यरत है, जो संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है. रामकृष्ण परमहंस के अद्वितीय दृष्टिकोण और उनकी शिक्षाएं आज भी लाखों लोगों के जीवन को प्रेरित कर रही हैं.

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