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PM मोदी थाईलैंड में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल, समुद्री सहयोग पर समझौता संभव

थाईलैंड में अभी एक हफ्ते पहले भूकंप ने तबाही मचाई है. जिसके कारण देश में काफी नुकसान हुआ है, हालांकि बिम्सटेक शिखर सम्मेलन योजना के अनुसार ही चलेगा और कार्यक्रम में कोई बदलाव के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.

Calendar Last Updated : 03 April 2025, 07:53 AM IST
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BIMSTEC: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3-4 अप्रैल को बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए थाईलैंड की दो दिवसीय यात्रा पर निकले हैं. बिम्सटेक के आगामी सत्र के दौरान क्षेत्रीय समूह बैंकॉक विजन 2030 को अपना सकता है. समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर कर सकता है. 

थाईलैंड में अभी एक हफ्ते पहले भूकंप ने तबाही मचाई है. जिसके कारण देश में काफी नुकसान हुआ है, हालांकि बिम्सटेक शिखर सम्मेलन योजना के अनुसार ही चलेगा और कार्यक्रम में कोई बदलाव के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने पहले एक बयान में कहा कि हम इस मामले में अधिकारियों के संपर्क में हैं. फिलहाल ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे यह संकेत मिले कि इसका शिखर सम्मेलन पर कोई प्रभाव पड़ने वाला है या नहीं.

बैंकॉक विज़न 2030 पर सहयोग 

विदेश मंत्रालय ने कहा कि बैंकॉक शिखर सम्मेलन में, बिम्सटेक नेता सदस्य देशों के बीच सहयोग को और अधिक गति देने के तरीकों और साधनों पर विचार-विमर्श कर सकते हैं. इस वर्ष के शिखर सम्मेलन का विषय सक्रिय, लचीला और खुला बिम्सटेक (प्रो-बिम्सटेक) है. बैंकॉक विज़न 2030 से सहयोग के लिए एक स्पष्ट दिशा और लक्ष्य निर्धारित करने और इस क्षेत्र को शांति, स्थिरता और आर्थिक स्थिरता के क्षेत्र के रूप में बढ़ावा देने की उम्मीद है. यह विज़न जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए अनुकूलन पर सहयोग बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित करेगा.

शामिल होंगे कई देश 

प्रधानमंत्री मोदी और थाई प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के साथ, शिखर सम्मेलन में नेपाली प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली, भूटानी प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस और श्रीलंकाई प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या के भाग लेने की उम्मीद है. 1997 में एक क्षेत्रीय सहयोग मंच के रूप में स्थापित, इसे शुरू में BIST-EC (बांग्लादेश-भारत-श्रीलंका-थाईलैंड आर्थिक सहयोग) के रूप में जाना जाता था. संगठन को अब बिम्सटेक के नाम से जाना जाता है और इसमें सात सदस्य देश शामिल हैं. 

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