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'नहीं सोचा था कि कांग्रेस के मंच से मां को गाली...', बिहार में जीविका निधि के शुभारंभ के दौरान पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि कांग्रेस के मंच से उनकी मां को गाली दी जाएगी. यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है.

Calendar Last Updated : 02 September 2025, 01:46 PM IST
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PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बिहार राज्य जीविका निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड का वर्चुअल शुभारंभ किया. इस अवसर पर उन्होंने बिहार की माताओं और बहनों को बधाई दी. साथ ही, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार की एनडीए सरकार की इस पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि भारत के विकास में महिलाओं का सशक्तिकरण महत्वपूर्ण है. इसके लिए सरकार कई कदम उठा रही है ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो.

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि कांग्रेस के मंच से उनकी मां को गाली दी जाएगी. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने जीविका निधि के बैंक खाते में 105 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए. यह राशि बिहार की ग्रामीण महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता को मजबूत करेगी. इस पहल से लाखों महिलाओं को लाभ मिलेगा.

जीविका निधि का उद्देश्य  

जीविका निधि का मुख्य लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कम ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराना है. इससे सूक्ष्म वित्त संस्थाओं पर निर्भरता कम होगी, जो अक्सर 18%-24% की ऊंची ब्याज दरें वसूलती हैं. सभी पंजीकृत क्लस्टर-स्तरीय संघ इस सोसाइटी के सदस्य बनेंगे. केंद्र और बिहार सरकार मिलकर इसकी फंडिंग करेंगे.यह प्रणाली पूरी तरह डिजिटल होगी. इससे धनराशि का हस्तांतरण तेज और पारदर्शी होगा. जीविका दीदियों के बैंक खातों में सीधे राशि पहुंचेगी. इसके लिए 12,000 सामुदायिक कार्यकर्ताओं को टैबलेट दिए जा रहे हैं. यह तकनीक प्रक्रिया को और आसान बनाएगी.

महिलाओं में उद्यमिता का विकास  

जीविका के स्वयं सहायता समूहों ने पिछले कुछ वर्षों में ग्रामीण महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा दिया है. इसके परिणामस्वरूप कई लघु उद्यम और उत्पादक कंपनियां शुरू हुई हैं. जीविका निधि इन उद्यमियों को सस्ता और समय पर ऋण देकर उनकी राह आसान करेगी. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा. बिहार भर से करीब 20 लाख महिलाएं इस कार्यक्रम की साक्षी बनीं. यह पहल न केवल आर्थिक रूप से महिलाओं को सशक्त करेगी, बल्कि सामुदायिक उद्यमों को भी बढ़ावा देगी. यह बिहार के ग्रामीण विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगी. बिहार सरकार और केंद्र सरकार की यह साझा पहल ग्रामीण भारत के विकास को नई दिशा देगी.

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