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'दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ', RSS के 100 साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने दी बधाई

पीएम मोदी ने कहा कि आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा गैर-सरकारी संगठन है. उन्होंने कहा कि आज, मैं गर्व के साथ कहना चाहता हूं कि 100 साल पहले, एक संगठन का जन्म हुआ था और इसका नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) है.

Calendar Last Updated : 15 August 2025, 10:48 AM IST
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PM Modi on RSS: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किला से देश के नाम 100 मिनट से भी ज्यादा का संबोधन दिया. इस दौरान उन्होंने देश से जुड़े कई मुद्दों पर भाषण दिया. साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सौ साल पूरे होने पर बधाई भी दी. 

पीएम मोदी ने कहा कि आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा गैर-सरकारी संगठन है. उन्होंने कहा कि आज, मैं गर्व के साथ कहना चाहता हूं कि 100 साल पहले, एक संगठन का जन्म हुआ था और इसका नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) है.

100 वर्षों का समर्पण का इतिहास

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्र सेवा के 100 वर्ष एक गौरवपूर्ण, स्वर्णिम अध्याय हैं. स्वयंसेवकों ने 'व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण' के संकल्प के साथ देश के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. एक तरह से, आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है. इसका 100 साल का समर्पण का इतिहास है. आरएसएस अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 26 अगस्त से भव्य समारोह आयोजित करने की योजना बना रहा है.  नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 'संघ यात्रा के 100 वर्ष - नए क्षितिज' शीर्षक से 26 अगस्त से 28 अगस्त तक कार्यक्रम मनाया जाएगा. यह कार्यक्रम संघ की स्थापना के बाद से उसके उद्देश्यों, विचारधारा और सामाजिक योगदान को प्रस्तुत करने का एक मंच प्रदान करेगा.

आरएसएस प्रमुख ने सभा  को किया संबोधित 

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देशवासियों को स्वतंत्रता के प्रति आत्मसंतुष्ट नहीं होना चाहिए, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इसे 'जीवित' रखने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत और त्याग करने की आवश्यकता है. उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भुवनेश्वर स्थित आरएसएस कार्यालय में एक सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने सर्वोच्च बलिदान देकर भारत की स्वतंत्रता सुनिश्चित की. हमें भी इसे जीवित रखने, देश को आत्मविश्वासी बनाने और विवादों में उलझे विश्व का मार्गदर्शन करने के लिए 'विश्व गुरु' के रूप में उभरने के लिए उतनी ही मेहनत करनी होगी.

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