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लखनऊ: राम मंदिर दान विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासत और जांच दोनों तेज हो गई हैं. दान राशि में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है. वहीं, मामले में एक कर्मचारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में रखे गए दानपात्रों से धनराशि गायब होने के आरोप सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया. आरोपों के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके और मंदिर की छवि पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जा सके.
ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है. इस टीम में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं. जांच दल को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है.
मामले की जांच कर रही एजेंसियां दान की गिनती से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं. स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल कर रहा है. इसी क्रम में रुदौली क्षेत्र के एक व्यक्ति लव कुश को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. जांच के दौरान कुछ नकदी बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है, हालांकि अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने दान राशि में गड़बड़ी के आरोपों का मुद्दा उठाया. इसके बाद कई राजनीतिक नेताओं ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की। वहीं, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा है कि आंतरिक ऑडिट जारी है और अब तक आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला है.
भाजपा नेता विनय कटियार ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़ा कोई भी भ्रष्टाचार या चोरी विश्वासघात के समान होगा. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. कटियार ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच पर जोर देते हुए कहा कि सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है.