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नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही सेंट स्टीफंस कॉलेज का एक नोटिस चर्चा का विषय बन गया है. कॉलेज प्रशासन ने कैंपस के कुछ प्रमुख हिस्सों में छात्रों के शॉर्ट्स पहनकर आने पर रोक लगा दी है. इस फैसले के बाद छात्रों के बीच बहस छिड़ गई है. कुछ छात्र इसे अनुशासन बनाए रखने की कोशिश मान रहे हैं, जबकि कई छात्रों ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता में दखल और "मोरल पुलिसिंग" करार दिया है.
कॉलेज की ओर से जारी नोटिस के अनुसार छात्र क्लासरूम, असेंबली हॉल, लाइब्रेरी, डाइनिंग हॉल और चैपल में शॉर्ट्स पहनकर प्रवेश नहीं कर सकेंगे. यह नोटिस खासतौर पर प्रथम वर्ष के छात्रों को ध्यान में रखकर जारी किया गया है.
नोटिस पर कॉलेज की नई प्रिंसिपल सुसान एलियास के हस्ताक्षर हैं और छात्रों से इन नियमों का पालन करने की अपील की गई है. हालांकि कुछ छात्रों का कहना है कि यह नियम केवल नए छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि वरिष्ठ छात्रों पर भी लागू किया जाता है.
ड्रेस कोड को लेकर छात्रों की अलग-अलग राय सामने आई है. कई छात्रों का कहना है कि कॉलेज को यह तय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए कि छात्र कौन से कपड़े पहनें. उनका मानना है कि यह व्यक्तिगत पसंद और अभिव्यक्ति की आजादी का मामला है. इसी वजह से कई छात्रों ने इस फैसले को "मोरल पुलिसिंग" बताया है.
वहीं कुछ छात्रों का कहना है कि यह नियम नया नहीं है. कॉलेज में लंबे समय से ऐसी परंपरा रही है और आमतौर पर इसका सख्ती से पालन भी नहीं कराया जाता.
इस नियम का सबसे ज्यादा असर कॉलेज की खेल टीमों से जुड़े छात्रों पर पड़ सकता है. खिलाड़ी अक्सर सुबह अभ्यास के बाद सीधे अपनी स्पोर्ट्स किट में ही कॉलेज की अन्य गतिविधियों में शामिल होते हैं. चूंकि स्पोर्ट्स किट में शॉर्ट्स शामिल होते हैं, इसलिए उन्हें डाइनिंग हॉल या अन्य स्थानों में प्रवेश करने में परेशानी हो सकती है.
कुछ छात्रों का दावा है कि पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जब स्पोर्ट्स खिलाड़ियों को शॉर्ट्स पहनने की वजह से डाइनिंग हॉल में प्रवेश नहीं मिला.
फिलहाल इस मुद्दे पर कॉलेज प्रशासन या दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है. ऐसे में छात्रों के विरोध और इस नियम को लेकर जारी बहस के बीच सभी की नजर कॉलेज के अगले कदम पर बनी हुई है.