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मणिपुर में फिर भड़की हिंसा! पांच जिलों में इंटरनेट बंद, इन इलाकों में लगा कर्फ्यू

मैतेई संगठन अरंबाई टेंगोल के नेताओं की कथित गिरफ्तारी की खबरों ने राज्य में विरोध और हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिए. इस तनावपूर्ण स्थिति के चलते सरकार ने पांच जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं और बिष्णुपुर में कर्फ्यू लगा दिया.

Calendar Last Updated : 08 June 2025, 10:04 AM IST
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Manipur Protests: मणिपुर में सप्ताहांत में एक बार फिर अशांति का माहौल देखने को मिला. मैतेई संगठन अरंबाई टेंगोल के नेताओं की कथित गिरफ्तारी की खबरों ने राज्य में विरोध और हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिए. इस तनावपूर्ण स्थिति के चलते सरकार ने पांच जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं और बिष्णुपुर में कर्फ्यू लगा दिया. प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने सड़कों पर उतरकर हंगामा किया, जिससे सुरक्षा बलों के साथ झड़पें हुईं.

इम्फाल के क्वाकेथेल और उरीपोक जैसे इलाकों में शनिवार देर रात प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे. उन्होंने कथित तौर पर हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने टायर और पुराना फर्नीचर जलाया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया. 

पांच दिनों के लिए इंटरनेट बंद 

क्वाकेथेल पुलिस चौकी पर हमले के दौरान कम से कम दो पत्रकार और एक नागरिक घायल हो गए. पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए चेतावनी गोलियां चलाईं. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं. हिंसा को देखते हुए मणिपुर सरकार ने त्वरित कार्रवाई की. शनिवार रात 11:45 बजे से इम्फाल पश्चिम, इम्फाल पूर्व, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग जिलों में इंटरनेट, मोबाइल डेटा, वीसैट और वीपीएन सेवाएं पांच दिनों के लिए बंद कर दी गईं.

इसके साथ ही बिष्णुपुर जिले में कर्फ्यू भी लागू किया गया. आयुक्त-सह-सचिव (गृह) एन अशोक कुमार ने आदेश में कहा कि कानून और व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ सामग्री फैला सकते हैं, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं. आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी.

स्वयंसेवकों की गिरफ्तारी 

अरंबाई टेंगोल एक मैतेई युवा संगठन है, जो मणिपुर के घाटी क्षेत्रों में सक्रिय है. इस समूह का नाम पहले भी जातीय तनाव और हिंसा के मामलों में सामने आ चुका है. हाल की घटनाओं में संगठन के पांच स्वयंसेवकों की कथित गिरफ्तारी की खबरों ने तनाव को और बढ़ा दिया. हालांकि, इन गिरफ्तारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने यह कार्रवाई की है. गिरफ्तारियों के कारणों और हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान पर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है. मणिपुर में पहले से ही नाजुक स्थिति को नियंत्रित करना राज्य सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. 

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