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सुखबीर बादल जाने-माने गैंगस्टरों के रिश्तेदारों को उम्मीदवार बनाते हैं, फिर गैंगस्टरवाद को खत्म करने का दावा करते हैं: कुलदीप सिंह धालीवाल 

आप नेता कुलदीप सिंह धालीवाल ने सुखबीर बादल पर दोहरी राजनीति, गैंगस्टर संरक्षण और एसजीपीसी में कुप्रबंधन का आरोप लगाया. पुराने रिकॉर्ड याद दिलाते हुए जवाब मांगा और पंजाबियों से गुमराह न होने की अपील की.

Calendar Last Updated : 22 February 2026, 08:53 PM IST
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चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर जमकर निशाना साधा है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने रविवार को अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुखबीर पर 'दोहरी राजनीति' का आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपने पिता प्रकाश सिंह बादल की तरह पुराने झूठे दावों और पाखंड से पंजाब की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं.

धालीवाल ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल एक तरफ गैंगस्टरवाद को खत्म करने के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ जाने-माने गैंगस्टरों के रिश्तेदारों को टिकट देकर चुनाव लड़वाते हैं. उन्होंने तरनतारन के हालिया चुनावों का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि अकाली दल ने आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों के परिवारजनों का खुलकर समर्थन किया और वोट मांगे. अब वही लोग गैंगस्टरों के घर ढहाने की बात करते हैं, जबकि कल उनके पारिवारिक समारोहों में शामिल होते थे.

धालीवाल ने इसे 'सरासर पाखंड' करार दिया और कहा कि पंजाब की जनता सब कुछ अच्छी तरह याद रखती है.उन्होंने सुखबीर को प्रकाश सिंह बादल के रास्ते पर चलने वाला बताया और कहा कि बादल परिवार ने ऐतिहासिक रूप से पंजाब की युवा पीढ़ी का शोषण किया है. 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा सरकार के दौरान संगठित गैंगस्टरवाद और नशे की समस्या की जड़ें गहरी हुईं. 

धालीवाल ने सवाल उठाया कि जब नशा माफिया और आपराधिक नेटवर्क फल-फूल रहे थे, तब सत्ता में कौन था? अब वही लोग पंजाब को बचाने का नाटक कर रहे हैं.शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के मुद्दे पर धालीवाल ने सख्त लहजे में कहा कि सुखबीर सिंह बादल दूसरों को लेक्चर देने से पहले श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 लापता स्वरूपों, एसजीपीसी की जमीनी सौदेबाजी, वित्तीय अनियमितताओं, सौदा साध की माफी और बेअदबी जैसे गंभीर मामलों पर जवाब दें. उन्होंने कहा कि मंचों से चीखने के बजाय इन सवालों का सीधा जवाब दें, क्योंकि यह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि सिख समुदाय की श्रद्धा और जवाबदेही का सवाल है.

धालीवाल ने दावा किया कि माझे से मालवा तक के बड़े अकाली परिवारों ने 'जीजा-साला' गुट से दूरी बना ली है. उन्होंने कहा कि आज शिरोमणि अकाली दल वह जन आंदोलन नहीं रहा, बल्कि एक सीमित टोला बनकर रह गया है, जो अस्तित्व बचाने के लिए संदिग्ध रिकॉर्ड वालों को शामिल कर रहा है.उन्होंने सुखबीर पर किसान मुद्दों, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते जैसे राष्ट्रीय विषयों पर चुप्पी साधने और केंद्र में गठबंधन के दौरान भाजपा को सवाल न करने का भी आरोप लगाया.

अंत में धालीवाल ने कहा कि पंजाब की जनता राजनीतिक रूप से जागरूक है और नाटकीय भाषणों या डर फैलाने से गुमराह नहीं हो सकती. आप पहले अपने पुराने कामों का जवाब दें, फिर नए दावे करें.यह प्रेस कॉन्फ्रेंस पंजाब की सियासत में अकाली दल और आप के बीच तनाव को और बढ़ाने वाली साबित हो रही है, जहां दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर नैतिकता और अतीत के रिकॉर्ड को लेकर हमलावर हैं.

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