'राजनीतिक साजिश पर संविधान की जीत, आप को कुचलने की भाजपा की चाल फेल', केजरीवाल के बरी होने पर बोले हरपाल सिंह चीमा

दिल्ली अदालत के फैसले के बाद पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आबकारी मामले में आप नेताओं को मिली राहत ने भाजपा की राजनीतिक साजिश को उजागर कर दिया है.

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Courtesy: India Daily

दिल्ली की अदालत द्वारा कथित शराब नीति मामले में आम आदमी पार्टी के नेताओं को राहत दिए जाने के बाद पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि इस फैसले ने साबित कर दिया कि मामला राजनीतिक मंशा से तैयार किया गया था. चीमा ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल पार्टी नेतृत्व को बदनाम करने और राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए किया गया. उनके बयान के बाद राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है.

भाजपा पर साजिश का आरोप

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अदालत के फैसले से साफ हो गया है कि यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित था. उनके अनुसार, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, दुर्गेश पाठक और सतिंदर जैन को बदनाम करने की कोशिश की गई. उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने विपक्ष को कमजोर करने के लिए यह रणनीति अपनाई थी.

एजेंसियों के दुरुपयोग का मुद्दा

चीमा ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों, विशेष रूप से सीबीआई और ईडी, का गलत तरीके से उपयोग किया गया. उनका कहना था कि बिना ठोस सबूत के नेताओं पर आरोप लगाए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि जांच को इस तरह पेश किया गया ताकि जनता के बीच भ्रम पैदा हो और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचे.

अदालत के फैसले की अहमियत

पंजाब के वित्त मंत्री ने अदालत के आदेश को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता मजबूत होती है. उनके अनुसार, जब अदालत ने कहा कि आरोप तय करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है, तो यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है. उन्होंने इसे संविधान की जीत बताया और कहा कि न्याय व्यवस्था ने अपना काम निष्पक्ष रूप से किया.

आप की पृष्ठभूमि और संघर्ष

चीमा ने याद दिलाया कि आम आदमी पार्टी की शुरुआत भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से हुई थी. उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं ने साफ-सुथरी राजनीति के लिए संघर्ष किया है. उनके अनुसार, यही कारण है कि पार्टी को कई राज्यों में समर्थन मिला. उन्होंने कार्यकर्ताओं का आभार जताया, जिन्होंने मुश्किल समय में पार्टी का साथ नहीं छोड़ा.

संविधान का जिक्र

अपने बयान में चीमा ने डॉ. भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान हर नागरिक को बराबरी और स्वतंत्रता का अधिकार देता है. उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला इसी भावना को मजबूत करता है. उनके मुताबिक, कोई भी सरकार संविधान से ऊपर नहीं हो सकती और कानून सभी के लिए समान है.

भाजपा पर तीखा हमला

चीमा ने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि संविधान किसी एक दल की संपत्ति नहीं है. उनके अनुसार, जब सरकारी स्कूलों में सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाए जाते हैं, तो कुछ ताकतें असहज हो जाती हैं.

कार्यकर्ताओं को धन्यवाद

अंत में चीमा ने पार्टी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि कठिन दौर में भी कार्यकर्ता मजबूती से खड़े रहे. उनके अनुसार, यह फैसला उन सभी लोगों की जीत है जो संविधान और न्याय में विश्वास रखते हैं. उन्होंने कहा कि सच अंततः सामने आता है और लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी होती है.

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