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भगवंत सिंह मान ने आज श्री हरमिंदर साहिब में माथा टेककर जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट-2026 लागू करने की शक्ति और समझ देने के लिए परमात्मा का शुक्राना किया. मुख्यमंत्री ने इस कानून को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह बेअदबी करने वालों के खिलाफ सख्त और मिसाली सजा सुनिश्चित करेगा तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभाएगा.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान क्या बोले
श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार खुद को सौभाग्यशाली मानती है कि उसे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा की रक्षा के लिए यह ऐतिहासिक कानून बनाने का अवसर मिला.
उन्होंने कहा कि हर सिख के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पिता समान हैं और उनकी गरिमा बनाए रखना सभी का सामूहिक कर्तव्य है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026 के तहत बेअदबी जैसे अक्षम्य अपराध में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को कड़ी सजा दी जाएगी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून में दोषियों के लिए मरने तक उम्रकैद जैसी सख्त सजा का प्रावधान किया गया है. मुख्यमंत्री के अनुसार, इस कानून का मसौदा तैयार करने से पहले देश के नामी कानूनी विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा किया गया ताकि यह कानून कानूनी तौर पर मजबूत और प्रभावी बन सके.
भगवंत सिंह मान ने श्री हरिमंदिर साहिब में टेका माथा
भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में हुई बेअदबी की घटनाएं केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने तक सीमित नहीं थीं, बल्कि राज्य की अमन-शांति, भाईचारे, सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाने की गहरी साजिश का हिस्सा थी. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसे अपराधों के खिलाफ मजबूत व्यवस्था तैयार करना है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके.
अमन-शांति बिगाड़ने की साजिश थी
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित इस कानून का दुनियाभर की सिख संगत और आम लोगों ने स्वागत किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिरोमणि कमेटी के कुछ आकाओं ने इस कानून का विरोध किया, क्योंकि बेअदबी से जुड़ी घटनाओं में उनकी भूमिका रही है.
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी चार दिवसीय “शुक्राना यात्रा” का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि यह यात्रा तख्त श्री केसगढ़ साहिब से शुरू हुई है और 9 मई तक जारी रहेगी. यात्रा के दौरान वह श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब में भी माथा टेकेंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य परमात्मा का आभार व्यक्त करना है, जिन्होंने उन्हें पंजाब और मानवता की सेवा के लिए यह अहम जिम्मेदारी निभाने का अवसर दिया. उन्होंने तेज गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंच रही संगत का धन्यवाद करते हुए कहा कि पंजाब भर में इस यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया जा रहा है.