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पंजाब में 37 साल की सबसे भयानक बाढ़, केंद्र की लापरवाही पर बरिंदर गोयल ने उठाया सवाल

मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने अब तक कोई बयान नहीं दिया, न ही केंद्र ने पंजाब को कोई मदद दी. गोयल ने इसे केंद्र की उदासीनता करार दिया.

Calendar Last Updated : 31 August 2025, 11:33 AM IST
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Floods in Punjab: पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि केंद्र की लापरवाही ने पंजाब में 37 साल की सबसे भयानक बाढ़ को और गंभीर बना दिया. चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोयल ने बाढ़ की तबाही के लिए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की नाकामी को जिम्मेदार ठहराया.

गोयल ने बताया कि जून में बीबीएमबी ने बांधों से पानी नहीं छोड़ा, अगर समय पर पानी छोड़ा जाता, तो बाढ़ का प्रभाव कम हो सकता था. उन्होंने कहा कि बार-बार अनुरोध के बावजूद बीबीएमबी ने जरूरी कदम नहीं उठाए. इससे पंजाब में बाढ़ की स्थिति बेकाबू हो गई.

मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने अब तक कोई बयान नहीं दिया, न ही केंद्र ने पंजाब को कोई मदद दी. गोयल ने इसे केंद्र की उदासीनता करार दिया. गोयल ने हरियाणा सरकार पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि हरियाणा मदद की बात तो करता है, लेकिन उसने अपने 7,900 क्यूसेक पानी को 6,250 क्यूसेक करने की मांग की. इससे पंजाब को अकेले बाढ़ का सामना करना पड़ा. गोयल ने इसे हरियाणा का स्वार्थी रवैया बताया. मंत्री ने एक निजी कंपनी "लेवल 19 बिज़ प्राइवेट लिमिटेड" की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए. कंपनी ने दावा किया था कि माधोपुर हेडवर्क्स के गेट 6.25 लाख क्यूसेक पानी संभाल सकते हैं. लेकिन गेट आधे पानी में ही ढह गए. इससे बाढ़ बढ़ी और एक कर्मचारी की मौत हो गई. गोयल ने कंपनी को नोटिस जारी करने की बात कही.

गोयल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की बारिश ने पंजाब में बाढ़ को और गंभीर किया. रंजीत सागर डैम से 2.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, लेकिन खड्डों और नालों का पानी मिलने से रावी नदी में 14.11 लाख क्यूसेक पानी का बहाव हुआ. यह 1988 की बाढ़ से भी ज्यादा खतरनाक था. सात जिलों में फसलें, पशु और घर तबाह हुए. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं. 11,330 लोगों को 87 राहत कैंपों में पहुंचाया गया. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना ने 110 लोगों को हवाई जहाज से बचाया. पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया. फिरोजपुर और फाजिल्का में चारा और आश्रय की व्यवस्था की गई है. गोयल ने विपक्ष से आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर सहयोग करने को कहा. उन्होंने केंद्र से मांग की कि राज्यों को नुकसान का आकलन करने और मुआवजा बांटने का अधिकार दिया जाए. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हर जान बचाने के लिए प्रतिबद्ध है.

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