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चेन्नई: IPL 2026 में शानदार शुरुआत करने वाली दिल्ली कैपिटल्स की रफ्तार अब धीमी पड़ती नजर आ रही है. शुरुआती दो मुकाबले जीतने के बाद टीम को लगातार दो हार का सामना करना पड़ा है, जिससे उनके प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं. खासतौर पर चेन्नई के खिलाफ खेले गए मैच में टीम की कमजोरियां खुलकर सामने आईं.
दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेट निदेशक वेणुगोपाल राव ने हार के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि लगातार विकेट गिरना टीम के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुआ. एमए चिदंबरम स्टेडियम में 212 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम अच्छी शुरुआत के बावजूद मैच में पकड़ बनाए नहीं रख सकी.
दिल्ली की पारी की शुरुआत में म पथुम निस्संका ने आक्रमक बल्लेबाजी की. अपनी तूफानी बल्लेबाजी से उन्होंने दिल्ली के लिए तेजी से रन बनाए और शुरुआती ओवरों में ही 50 का आंकड़ा पार कर लिया. लेकिन इसके बाद चेन्नई के तेज गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए टीम को 76 रन तक पहुंचते-पहुंचते चार बड़े झटके दे दिए.
ट्रिस्टन स्टब्स ने 30 गेंदों में 68 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे. दूसरे छोर से सहयोग न मिलने के कारण उनकी यह पारी बेकार चली गई और टीम को 23 रनों से हार का सामना करना पड़ा.
वेणुगोपाल राव मीडिया से बात करते हुए दिल्ली कैपिटल्स की असली हार का करण बताया है. उन्होंने कहा कि, 'मुझे लगता है कि चार ओवरों में चार विकेट गिरना निर्णायक मोड़ था.' उन्होंने आगे कहा कि टी20 क्रिकेट में लय बेहद अहम होती है और लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ जाती है. उनका मानना है कि अगर विपक्षी टीम को 15-20 रन कम पर रोका जाता, तो लक्ष्य का पीछा करना संभवतः आसान हो सकता था.
दिल्ली की हार में खराब फील्डिंग ने भी अहम भूमिका निभाई. डीसी ने फील्डिंग में भी कई मौके गंवाए. टीम ने एक आसान रन-आउट का मौका गंवाया और संजू सैमसन का कैच भी छोड़ दिया, जिन्होंने बाद में नाबाद शतक जड़कर मैच का रुख ही बदल दिया. राव ने कहा कि यह एक लंबा टूर्नामेंट है और ऐसे उतार-चढ़ाव आते रहते हैं.