बेंगलुरु: बेंगलुरु से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों और भरोसे को कटघड़े में लाकर खड़ा कर दिया है. बेंगलुरु के एक फेमस सर्जन पर अपनी ही पत्नी की हत्या का आरोप है. अब इस केस ने एक नया मोड़ ले लिया है. मामले से जुड़ी डिजिटल चैट्स ने इस केस को और रहस्यमयी बना दिया दिया.
लगभग एक साल बाद सामने आए नए सबूत इस घटना को साधारण नहीं, बल्कि एक प्लान्ड मर्डर और साजिश की ओर इशारा करते हैं. यह मामला डॉक्टर महेंद्र रेड्डी और उनकी पत्नी कृतिका रेड्डी से जुड़ा है. अप्रैल 2024 में कृतिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. शुरुआत में इसे सामान्य मौत माना गया, लेकिन बाद में जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. पुलिस ने महेंद्र को अक्टूबर में गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर अपनी पत्नी की मौत से छह महीने बाद हुआ.
बता दें 21 अप्रैल को कृतिका की तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. शुरुआती जांच में मामला सामान्य लगा, लेकिन बाद में पुलिस को घटनाक्रम में कई असामान्य बातें नजर आईं, जिससे हत्या की आशंका मजबूत हुई.
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी पति ने अपने प्रोफेशनल नॉलेज का इस्तेमाल करते हुए मौत को प्राकृतिक दिखाने की कोशिश की. ताकि शुरुआती जांच में किसी भी तरह का संदेह न हो. यही पहलू इस केस को और गंभीर बनाता है.
तफ्तीश के दौरान यह भी सामने आया कि महेंद्र का एक नर्स के साथ प्रेम संबंध था. दोनों के बीच हुई बातचीत ने पूरे मामले को नई दिशा दी. पुलिस को ऐसे संदेश मिले, जिनसे यह संकेत मिलता कि घटना के बाद सबूत छिपाने और कहानी को नियंत्रित करने की कोशिश की गई और इसमें नर्स का भी हाथ है.
अब पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने पकड़े जाने के डर से मैसेजिंग ऐप्स के दूरी बना ली थी. इन ऐप्स की जगह वह यूपीआई ऐप पर बात करते थे. वह इस ऐप से ही कोई भी मैसेज करते थे. ताकि बातचीत आसानी से ट्रैक न हो सके. इसके बावजूद पुलिस ने बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य इकट्ठा किए.
फोरेंसिक जांच में लाखों डिजिटल फाइलें, डिलीट डेटा और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद हुई है. इन सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया गया है.