MBBS में एडमिशन के लिए छात्र ने काट लिया अपना ही पैर, डॉक्टर बनने की सनक में उठाया खौफनाक कदम

उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको चौंका कर रख दिया है. इस खबर ने लोग जो सफलता की अंधी दौड़ में पागल हैं उनपर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

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Courtesy: AI

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको चौंका कर रख दिया है. इस खबर ने लोग जो सफलता की अंधी दौड़ में पागल हैं उनपर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. एक तरफ जहां युवा डॉक्टर बनकर दूसरों का दर्द दूर करने का सपना देखते हैं, वहीं जौनपुर के सूरज भास्कर ने डॉक्टर बनने के लिए खुद को ताउम्र का ऐसा दर्द दे दिया जिसे सुनकर रूह कांप जाए.

NEET परीक्षा के जरिए मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए सूरज ने एक ऐसी खौफनाक साजिश रची जिसकी कल्पना भी मुश्किल है. उसने सोचा कि अगर वह दिव्यांग (PH) कोटे में आ जाए, तो एमबीबीएस की सीट मिलना आसान हो जाएगा.

खुद बना सर्जन

सूरज ने पहले एनेस्थीसिया के इंजेक्शन लगाकर अपने पैर को सुन्न किया ताकि दर्द महसूस न हो. इसके बाद उसने बिजली के ग्राइंडर से अपने पैर का पंजा काट दिया. खुद को चोट पहुंचाने के बाद उसने पुलिस को कहानी सुनाई कि रात में अज्ञात हमलावरों ने उसके साथ मारपीट की और उसका पैर काट दिया.

गर्लफ्रेंड के बयान ने खोली पोल

पुलिस को शुरुआत से ही सूरज के बयानों पर शक था. मामले में मोड़ तब आया जब सूरज की प्रेमिका ने पुलिस को सच बताया. प्रेमिका ने खुलासा किया कि सूरज किसी भी कीमत पर साल 2026 में एमबीबीएस में दाखिला लेना चाहता था और इसके लिए वह महीनों से परेशान था. वह पहले भी फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने की कोशिश कर चुका था, लेकिन नाकाम रहा.

दबाव और सपनों का बोझ

यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि उस मानसिक दबाव की पराकाष्ठा है जिसे आज के छात्र महसूस कर रहे हैं. सूरज ने अपनी प्रेमिका से शादी करने और समाज में डॉक्टर कहलाने के लिए अपनी शारीरिक अक्षमता को ही हथियार बना लिया. खेत से बरामद एनेस्थीसिया के इंजेक्शन और ग्राइंडर इस बात के गवाह हैं कि एक होनहार दिमाग जब हताशा में डूबता है, तो वह कितना आत्मघाती हो सकता है.

पुलिस की कार्रवाई

सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स ने साफ कर दिया कि घटनास्थल पर कोई हमलावर मौजूद नहीं था. सूरज ने खुद ही इस वारदात को अंजाम दिया. फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है, जहां से छुट्टी मिलने के बाद उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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